किसी भी कीमत पर मोरचा में वापसी नहीं : डॉ छेत्री

Updated at :21 Feb 2017 9:23 AM
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किसी भी कीमत पर मोरचा में वापसी नहीं : डॉ छेत्री

सिलीगुड़ी. जन आंदोलन पार्टी (जाप) के नेता डॉ हर्क बहादुर छेत्री ने गोरखा जन मुक्ति मोरचा में दोबार वापसी से साफ इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर दोबारा मोरचा में शामिल नहीं होंगे. उल्लेखनीय है कि मोरचा सुप्रीमो बिमल गुरूंग ने रविवार को दार्जिलिंग में कहा था कि जाप […]

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सिलीगुड़ी. जन आंदोलन पार्टी (जाप) के नेता डॉ हर्क बहादुर छेत्री ने गोरखा जन मुक्ति मोरचा में दोबार वापसी से साफ इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर दोबारा मोरचा में शामिल नहीं होंगे. उल्लेखनीय है कि मोरचा सुप्रीमो बिमल गुरूंग ने रविवार को दार्जिलिंग में कहा था कि जाप का अस्तित्व खत्म हो रहा है और डॉ हर्क बहादुर छेत्री के समर्थक पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं. ऐसी परिस्थिति में डॉ छेत्री को जाप खत्म कर एक बार फिर से मोरचा में शामिल हो जाना चाहिए.
इससे गोरखालैंड आंदोलन को और मजबूती मिलेगी. श्री गुरूंग के इस न्योते को हर्क बहादुर छेत्री ने पूरी तरह से खारिज कर दिया. वह अभी कोलकाता में हैं. टेलीफोन पर विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मोरचा में वापसी की अब कोई गुंजागश नहीं है. उन्होंने अपनी नयी पार्टी बनायी है और इस पार्टी को भी खड़ा करने का काम करेंगे. उन्होंने मोरचा सुप्रीमो बिमल गुरूंग पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि वह करीब एक साल पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं. अब बिमल गुरूंग को उनकी याद आयी है. दरअसल, बिमल गुरूंग का पहाड़ पर जनाधार खत्म हो चुका है और वह अपने पुराने सहयोगियों को फिर से जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.
उनका किसी भी कीमत पर बिमल गुरूंग से समझौता नहीं हो सकता. हां, यदि बिमल गुरूंग गोजमुमो छोड़कर जाप में शामिल होते हैं तो वह जरूर सोचेंगे. हालांकि इसके लिए भी बिमल गुरूंग को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी. यहां बता दें कि हर्क बहादुर छेत्री कभी बिमल गुरूंग के खामखास हुआ करते थे. वह कालिम्पोंग से गोजमुमो के विधायक भी रहे. करीब साल भर पहले बिमल गुरूंग ने गोरखालैंड आंदोलन को लेकर जब अपने तीनों विधायकों को इस्तीफा देने के लिए कहा था, तब डॉ छेत्री ने ऐसा करने से इंकार कर दिया. उन्होंने पार्टी भी छोड़ दी थी. इसके बाद उन्होंने जन आंदोलन पार्टी नाम से नयी पार्टी का गठन किया और पिछला विधानसभा चुनाव भी लड़े.
हालांकि वह तृणमूल समर्थन के बाद भी चुनाव हार गये थे. डॉ छेत्री ने आने वाले नगरपालिका चुनाव में जाप के नहीं लड़ने के भी संकेत दिये. डॉ छेत्री ने कहा कि उनकी पार्टी नयी है और उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं हैं. दो पैसे वाली पार्टियों मोरचा और तृणमूल के साथ वह नहीं सकेंगे. उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस के पास भी पैसे की कमी नहीं है. गोजमुमो ने भी अपार संपत्ति बनायी है. गोजमुमो के तमाम नेता अमीर हो गये हैं. चुनाव लड़ने के लिए पैसा बेहद जरूरी है. उनके पास इतना खर्च करने का सामर्थ नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि धन-बल का खेल नहीं हुआ, तो उनकी पार्टी चारों नगरपालिका चुनाव में हिस्सा लेगी.
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