लापरवाही: सरकारी विभागों पर नगर निगम का 15 करोड़ से अधिक बकाया

Updated at :15 Feb 2017 7:49 AM
विज्ञापन
लापरवाही:  सरकारी विभागों पर नगर निगम का 15 करोड़ से अधिक बकाया

सिलीगुड़ी. आम लोगों के साथ ही सरकारी विभागों द्वारा कर चुकाने के प्रति लापरवाही बरतने की वजह से सिलीगुड़ी नगर निगम का आर्थिक संकट गहरा गया है. जिसकी वजह से विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं. करीब 50 करोड़ रुपये से भी अधिक का कर बकाया पड़ा हुआ है. अब बकाये करों को वसूलने […]

विज्ञापन
सिलीगुड़ी. आम लोगों के साथ ही सरकारी विभागों द्वारा कर चुकाने के प्रति लापरवाही बरतने की वजह से सिलीगुड़ी नगर निगम का आर्थिक संकट गहरा गया है. जिसकी वजह से विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं. करीब 50 करोड़ रुपये से भी अधिक का कर बकाया पड़ा हुआ है. अब बकाये करों को वसूलने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है.

यह जानकारी सिलीगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने दी है. वाम मोरचा बोर्ड के मेयर अपने कार्यालय में मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि एसजेडीए आदि सहित राज्य सरकार के कई ऐसे कार्यालय हैं जो बकाया कर नहीं दे रहे हैं. सरकारी कार्यालयों पर करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक का कर बकाया है. इसी तरह से आम लोगों के पास भी 40 से 50 करोड़ रुपये बाकी है.

उन्होंने कहा कि इन करों की वसूली के लिए विशेष अभियान की शुरूआत 15 फरवरी से की जा रही है. जो लोग कर चुकायेंगे उन्हें 15 प्रतिशत की छूट दी जायेगी. इसके साथ ही कर नहीं देने वालों की एक सूची बनायी जा रही है. ऐसे लोगों के घरों के सामने नगर निगम की ओर से मुनादी पिटवायी जायेगी. बकाया कर वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ उन्हें नगर निगम की सेवाएं भी उपलब्ध नहीं करायी जायेगी. पानी आदि के कनेक्शन काट दिये जायेंगे. उन्होंने एक बार फिर कहा कि राज्य सरकार नगर निगम के साथ आर्थिक सहयोग नहीं कर रही है. ऊपर से भारी कर बकाया है. स्वाभाविक रूप से नगर निगम के समक्ष आर्थिक संकट है. विकास कार्यों तथा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कई सांसदों से उनके सांसद कोटे से धन देने की मांग की गई है.


दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलुवालिया ने पहले ही अपने कोटे से मदद की है. अब माकपा सांसद सिताराम येचुरी, रितव्रत बनर्जी के साथ ही कांग्रेस सांसद प्रदीप भट्टाचार्य एवं भाजपा सांसद रूपा गांगुली से आर्थिक मदद की गुहार लगायी गई है. इन सांसदों को विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित एक प्रस्ताव भी भेजा गया है. अगर यह सांसद आर्थिक सहयोग करते हैं तो डंपिंग ग्राउंड के आधुनिकीकरण के साथ ही कई अन्य परियोजनाओं का काम पूरा किया जायेगा.
जिले के नाम पर राजनीति
मेयर अशोक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जिले के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कालिम्पोंग अलग जिला बना है, इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. वह अलग जिला बनाये जाने का समर्थन करते हैं. लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यह बताना चाहिए कि जिला बनाने का आखिर मानदंड क्या है. अगर कालिम्पोंग जिला बन सकता है, तो सिलीगुड़ी क्यों नहीं. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि काफी वर्षों से सिलीगुड़ी को भी जिला बनाने की मांग की जा रही है और वह इस मांग का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की निगाहें पहाड़ पर आने वाले नगरपालिका तथा जीटीए चुनाव पर टिकी हुई है. यही वजह है कि वह पहाड़ पर विभिन्न जातियों के लिए दनादन विकास बोर्ड बनाये जा रही हैं. कालिम्पोंग को जिला बनाना भी उसी रणनीति का हिस्सा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola