आचार्य महाश्रमणजी की ‘अहिंसा यात्रा’ पहुंची बागडोगरा

Updated at :13 Feb 2017 9:24 AM
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आचार्य महाश्रमणजी की ‘अहिंसा यात्रा’ पहुंची बागडोगरा

सिलीगुड़ी : जैन श्वेताबंर तेरापंथ धर्मसंघ के 13वें धर्मगुरु आचार्य महाश्रमणजी की ‘अहिंसा यात्रा’ रविवार को सिलीगुड़ी से रवाना होकर बागडोगरा पहुंच गयी. शहर के एसएफ रोड स्थित सिद्धि विनायक बैंक्वेट हॉल से यात्रा सुबह 7.15 बजे शुरू हुई. जलपाईमोड़, बर्दमान रोड, एयरव्यू मोड़, हिलकार्ट रोड, दार्जिलिंग मोड़, माटीगाड़ा, शिव मंदिर होते हुए तकरीबन 12 […]

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सिलीगुड़ी : जैन श्वेताबंर तेरापंथ धर्मसंघ के 13वें धर्मगुरु आचार्य महाश्रमणजी की ‘अहिंसा यात्रा’ रविवार को सिलीगुड़ी से रवाना होकर बागडोगरा पहुंच गयी. शहर के एसएफ रोड स्थित सिद्धि विनायक बैंक्वेट हॉल से यात्रा सुबह 7.15 बजे शुरू हुई. जलपाईमोड़, बर्दमान रोड, एयरव्यू मोड़, हिलकार्ट रोड, दार्जिलिंग मोड़, माटीगाड़ा, शिव मंदिर होते हुए तकरीबन 12 किमी की पदयात्रा करते हुए यह यात्रा सुबह 9.30 बजे बागडोगरा पहुंच गयी. आचार्यश्री और उनकी विशाल साधु सेना ने इस विशाल व भव्य पद यात्रा के मार्फत ‘सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति’ का पैगाम दिया. इस रंगारंग पदयात्रा में जहां कई जनजागरूकता पैदा करनेवाली जीवंत झांकियां प्रस्तुत की गयीं, वहीं जैन समाज की पारंपरिक वेश-भूषा व लोककलाओं की झलक भी दिखी.
यात्रा का स्वागत, आचार्यश्री को नमन
अहिंसा यात्रा जिस ओर से भी गुजरी, उसी ओर हजारों की तादाद में सड़क के दोनों ओर खड़े हर संप्रदाय व धर्म से जुड़े लोगों ने यात्रा का तहे दिल से स्वागत किया और आचार्यश्री के साथ ही उनकी श्वेत, धवल सेना को पूर्ण आस्था के साथ नमन कर आशिष लिया. विशाल अहिंसा यात्रा को देख लोग आश्चर्यचकित हो उठे. लोगों को आपस में कानाफूसी करते सुना गया कि इससे पहले इतनी लंबी पद यात्रा इस इलाके में कभी नहीं देखी गयी.
श्वेत और धवल सेना चल रही है साथ
आचार्यश्री के अहिंसा यात्रा में उनकी श्वेत और धवल सेना भी साथ चल रही है. जैन समाज के श्वेत वस्त्रधारी साधु-संन्यासी व साध्वी मुंह पर पट्टी लगाये अहिंसा यात्रा की शुरुआत से ही आचार्यश्री के साथ कदम मिला रहे हैं. जैन समाज की तकरीबन डेढ़ सौ की श्वेत सेना आचार्यश्री के साथ इस यात्रा में हमेशा शामिल रहती है.
अन्य संप्रदायों के लोगों ने भी की शिरकत
यात्रा में केवल जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के अनुयायी नहीं, बल्कि अन्य सभी संप्रदायों के श्रद्धालु और कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि, समाजसेवी व विशिष्ट व्यक्ति भी मौजूद थे. इस यात्रा में तेरापंथ समाज से जुड़ी 153वें आचार्यश्री महाश्रमण मर्यादा महोत्सव व्यवस्था समिति की सिलीगुड़ी इकाई, जैन श्वैतांबर तेरापंथ धर्मसंघ, अणुव्रत समिति, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ कन्या मंडल, वर्धमान एज्युकेशनल ट्रस्ट के सदस्यों व समाज के अनुयायियों ने हजारों की तादाद में शिरकत की.
14 फरवरी को नेपाल पहुंचेगी अहिंसा यात्रा
रविवार को आचार्यश्री और उनकी श्वेत सेना के लोग बागडोगरा के कालीपद घोष तराई महाविद्यालय में रात्रि-विश्राम करेंगे. सोमवार, 13 फरवरी की सुबह वहां से यात्रा नक्सलबाड़ी के लिए रवाना होगी और इस दिन नक्सलबाड़ी मारवाड़ी भवन में रात्रि-विश्राम कर आचार्यश्री की विशाल सेना 14 फरवरी यानी मंगलवार की सुबह पानीटंकी के रास्ते नेपाल में प्रवेश करेगी. इस दिन आचार्यश्री अपने अनुयायियों के साथ झापा जिले के धुलाबाड़ी में प्रवास करेंगे. विदित हो कि आचार्यश्री की यह अहिंसा यात्रा 2014 में दिल्ली के लाल किले से शुरू हुई थी, जो उत्तर प्रदेश, नेपाल, बिहार के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, बंगाल का भ्रमण कर रही है.
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