सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा वेतन वृद्धि किये जाने की मांग के दौरान मेयर अशोक भट्टाचार्य ने अमर्यादित बयानबाजी कर प्रदर्शनकारियों को सकते में डाल दिया. मेयर ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से कहा कि अधिक वेतन पर काम करना है तो केरल-कर्नाटक में जाकर काम करें. उत्तर बंगाल के चाय बागानों के अधिकांश श्रमिक अब उन्हीं राज्यों की ओर पलायन भी करने लगे हैं. इसकी वजह बताते हुए श्री भट्टाचार्य ने दावा किया कि ममता सरकार में कभी दैनिक मजदूरी दो सौ रूपये से अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है. जबकि केरल-कर्नाटक व अन्य राज्यों में दैनिक मजदूरी पांच सौ रूपये या इससे भी अधिक है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि ममता सरकार की श्रम विरोधी नीति की वजह से ही केवल निगम या नगरपालिका के कर्मचारियों के वेतन नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि हर स्तर के मजदूरों की आर्थिक स्थित दिन-प्रतिदिन काफी खराब होती जा रही है.
यही वजह है कि चाय बागानों से मजदूरों का पलायन शुरू हो गया. आज सिलीगुड़ी पौर कर्मचारी कांग्रेस के बैनर तले निगम के कर्मचारियों ने पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने सभी अस्थायी व ठेका पर काम कर रहे कर्मचारियों की वेतन वद्धि और इसे चलती महीने से ही कार्यकारी करने का मांग की. साथ ही 15-10 वर्षों से लगातार काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने के साथ उन्हें रविवार और छुट्टी के दिनों भी अतिरिक्त 80 रूपये हाजिरा अविलंब प्रदान करने की मांग की गयी. अस्थायी कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या इपीएफ संबंधित विभिन्न जटिल समस्याओं का जल्द समाधान करना होगा.
वहीं, नौकरी के दौरान एक-दो वर्षों में मारे गये निगम कर्मचारियों के पीड़ित परिवार के एक सदस्यों को नौकरी देना होगा. मेयर ने ज्ञापन स्वीकार कर इन सभी मुद्दों पर नौ जनवरी को होनेवाली मीटिंग में विचार किये जाने का आश्वासन प्रदर्शनकारियों को दिया. आज का प्रदर्शन संगठन के महासचिव सोमेन दास राय व अन्य वरिष्ठ के नेताओं की अगुवायी में हुआ. इस दौरान भारी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पूरे निगम में विरोध रैली निकाली और मेयर के दफ्तर का घेराव किया.
