मेयर ने अतिक्रमण हटाने के क्रम में डिप्टी मेयर के पार्टी के तीन नंबर वार्ड पार्टी कार्यालय में तोड़फोड की घटना और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता की भी कड़ी आलोचना की है.
इस मामले की पिछली सुनवायी के बाद हाइकोर्ट की ग्रीन ट्राइब्यूनल बेंच ने नदी को साफ व स्वच्छ रखने के लिये सिलीगुड़ी नगर निगम और सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र के आधार पर कार्यों का बंटवारा करने का एक निर्देश भी भेजा है. सिलीगुड़ी नगर निगम मिले निर्देश में कहा गया है कि नदी के उपर बांस आदि से अस्थायी पुल का निर्माण नहीं काराया जाना चाहिए. नदी को साफ रखने के लिये पक्के ब्रिज के दोनों ओर जाल(नेट) लगाया जाना चाहिए ताकि लोग उपर से नदी में कुछ ना फेंक सके. नदी के किनारों पर अवैध कब्जा, खटाल, अवैध निर्माण को जल्द खाली कराने का निर्देश दिया गया है. ग्रीन बेंच के निर्देशानुसार इस संबंध में किये गये कार्यों का पूरा विवरण मामले की अगली सुनवायी से पहले अदालत में जमा कराना होगा.
यहां बता दें कि तीन नंबर वार्ड पार्षद की ओर से सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की प्रधाननगर थाने में स्थानीय छह तृणमूल नेताओं के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. लेकिन पुलिस ने अब तक इनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है. पुलिस की इस भूमिका पर दुख प्रकट करते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा पुलिस प्रशासन तृणमूल के दवाब में काम कर रही है. पुलिस की भूमिका को लेकर निगम के उपमेयर राम भजन महतों के नेतृत्व में निगम के एक प्रतिनिधी दल बुधवार को सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर सी.एस.लेप्चा से मुलाकात करेगी. इन सभी विषयों को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र भेजने का निर्णय भी लिया गया है.

