जल्द ही तृणमूल में जा सकते हैं विधायक निहार घोष
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Nov 2016 7:52 AM
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मालदा. गाजोल की सीपीएम विधायक दीपाली विश्वास के बाद अब तृणमूल कांग्रेस निर्दलीय विधायक निहार घोष को अपने साथ लाने की तैयारी कर रही है. निहार घोष इंगलिश बाजार विधानसभा क्षेत्र से वाम और कांग्रेस के समर्थन से जीते निर्दलीय विधायक हैं. उनका तृणमूल में जाना एक तरह से निश्चित लग रहा है. बताया जा […]
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मालदा. गाजोल की सीपीएम विधायक दीपाली विश्वास के बाद अब तृणमूल कांग्रेस निर्दलीय विधायक निहार घोष को अपने साथ लाने की तैयारी कर रही है. निहार घोष इंगलिश बाजार विधानसभा क्षेत्र से वाम और कांग्रेस के समर्थन से जीते निर्दलीय विधायक हैं. उनका तृणमूल में जाना एक तरह से निश्चित लग रहा है. बताया जा रहा है कि अब सिर्फ औपचारिकता भर बाकी है.
यह दावा निहार घोष के करीबी सूत्रों का है. विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में निहार घोष को लेकर अटकलें चल रही हैं. इंगलिश बाजार से तृणमूल के पूर्व विधायक कृष्णेन्दु चौधरी को निहार घोष ने रिकार्ड वोटों से हराया था. ऐसे में निहार घोष तृणमूल नेताओं की नजर में हैं.
राजनीतिक गलियारों में चरचा है कि निहार घोष अब कांग्रेस और वाम से काफी दूर जा चुके हैं. तृणमूल नेताओं की यह शर्त थी कि अगर तृणमूल में आना है तो वाम और कांग्रेस से किसी तरह का संपर्क नहीं रखना होगा. बताया जाता है कि इसी तरह निहार घोष ने भी कुछ शर्तें तृणमूल के सामने रखी थीं. इनमें से एक शर्त यह थी कि पराजित पूर्व विधायक कृष्णेन्दु चौधरी को किसी कमेटी में नहीं रखा जायेगा. यहां तक कि उन्हें इंगलिश बाजार नगरपालिका के चेयरमैन पद से भी हटाना होगा.
तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि कृष्णेन्दु चौधरी मालदा मेडिकल कॉलेज की रोगी कल्याण समिति और मालदा कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन थे. इन दोनों पदों पर राज्य सरकार मनोनयन करती है. उल्लेखनीय है कि इन दोनों पदों से कृष्णेन्दु चौधरी को हटा दिया गया है. अब वह केवल इंगलिश बाजार नगरपालिका के चेयरमैन हैं.
तृणमूल के कई नेताओं का कहना है कि काफी दिनों से यह चरचा है कि निहार घोष तृणमूल में आयेंगे. वह कोलकाता जाते हैं तो तृणमूल के राज्य नेताओं के साथ एक के बाद एक बैठकें करते हैं. लेकिन निहार घोष की कुछ शर्तें हैं. जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होंगी, वह तृणमूल में नहीं आयेंगे. इन्हीं शर्तों में से एक कृष्णेन्दु चौधरी को इंगलिश बाजार नगरपालिका के चेयरमैन पद से हटाना भी है. लेकिन बीमार चल रहे कृष्णेन्दु चौधरी को इस हाल में पार्टी अभी चेयरमैन पद से हटाना नहीं चाहती. हालांकि जिन कमेटियों के वह चेयरमैन थे, वहां से उन्हें हटा दिया गया है. इस तरह देखें तो निहार घोष की ज्यादातर शर्तें पूरी हो चुकी हैं.
विधायक निहार घोष तृणमूल में जायेंगे, इसे कांग्रेस और वाम खेमे ने भी पक्का मान लिया है. इसे लेकर कांग्रेस और वाम के नेता क्षुब्ध भी हैं. लेकिन निहार घोष एक निर्दलीय विधायक हैं, इसलिए वाम और कांग्रेस सीधे-सीधे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.
तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोअज्जम हुसैन ने कहा कि निहार घोष अपने ही आदमी हैं. तृणमूल में आना है या नहीं आना है, यह उन पर निर्भर करता है. इस मामले को राज्य नेतृत्व देख रहा है. अगर निहार घोष जैसे लोग हमारे साथ आते हैं तो पार्टी उन्हें पूरा सम्मान देगी. तृणमूल कांग्रेस में जाने के बारे में पूछे जाने पर निहार घोष ने खुद कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि समय सबकुछ बता देगा. उन्होंने तृणमूल में जाने की बात से सीधे-सीधे मना भी नहीं किया.
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