पिछले साल भी दो लोगों को डेंगू ने जकड़ लिया था. इसके अलावा सात अन्य लोग डेंगू के लक्ष्ण को लेकर अस्पताल में भरती हुए थे. हालांकि बाद में जांच के दौरान इनके रक्त में डेंगू के जीवाणु नहीं पाये गये. ऐसे पिछले कुछ वर्षों के दौरान सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के इलाकों में डेंगू, मलेरिया, इसेफलाइटिस बुखार आदि बीमारियों के मामले में कमी भी आयी है.
एक आंकड़ा देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफलाइटिस आदि जैसे संक्रामक बीमारियों के 1094 मामले सामने आये थे. उसके बाद से आंकड़े में लगातार कमी आ रही है. 2014 में मात्र 159 मामले ही सामने आये. वर्ष 2015 में यह संख्या घटकर 33 हो गई. जाहिर है बड़े पैमाने पर जेइ का टीकाकरण तथा जागरूकता अभियान के कारण यह सफलता मिली है. इसी वजह से कोलकाता में डेंगू के मामले सामने आने के बाद अभी से ही नगर निगम ने एहतियाती कदम उठाने का निर्णय लिया है.

