तृणमूल ने बनायी सिलीगुड़ी नगर निगम पर कब्जे की रणनीति

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2016 8:59 AM

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दिलीप सिंह के सहारे गौतम देव को मेयर बनाने की योजना कांग्रेस, भाजपा का भरोसा छोड़ माकपा को तोड़ने की तैयारी सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम को आगामी तीन महीने में अपने कब्जे में लेने की रणनीति तृणमूल कांग्रेस बना चुकी है. वाम बोर्ड संचालित निगम के वर्तमान चेयरमैन दिलीप सिंह को मेयर बनाने के […]

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दिलीप सिंह के सहारे गौतम देव को मेयर बनाने की योजना
कांग्रेस, भाजपा का भरोसा छोड़ माकपा को तोड़ने की तैयारी
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम को आगामी तीन महीने में अपने कब्जे में लेने की रणनीति तृणमूल कांग्रेस बना चुकी है. वाम बोर्ड संचालित निगम के वर्तमान चेयरमैन दिलीप सिंह को मेयर बनाने के वादे के साथ तृणमूल में शामिल होने का प्रस्ताव दिये जाने की खबर राजनीतिक हलकों में फैलायी जा चुकी है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिलीप सिंह के अलावा कई अन्य माकपा वार्ड पार्षद व मेयर परिषद सदस्य तृणमूल की ओर रुख करने को आतुर हैं. निगम का समीकरण बदलते ही कई तृणमूल नेताओं को भी बोर्ड में स्थान दिया जायेगा.
सूत्रों का कहना है यह सारा खेल माकपा को सिलीगुड़ी नगर निगम की सत्ता से उतारने के लिए रचा जा रहा है. तृणमूल की योजना के अनुसार, दिलीप सिंह सिर्फ मोहरा बनेंगे और मेयर की कुरसी राज्य के वर्तमान पर्यटन मंत्री गौतम देव संभालेंगे.
बीते विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की सत्ता दोबारा हासिल की है. लेकिन राज्य के दो जिले मालदा और दार्जिलिंग में तृणमूल का खाता तक नहीं खुला.
यह बात राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गले नहीं उतर रही है. राज्य में सरकार गठन करने के बाद ही ममता बनर्जी से मिले निर्देशानुसार दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस ने सिलीगुड़ी नगर निगम पर कब्जा करने की कवायद शुरू कर दी है. हाल ही में सिलीगुड़ी कंचनजंघा स्टेडियम में आयोजित युवा तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्य पर्यटन मंत्री गौतम देव ने भी साफ तौर पर संकेत दिया था. सिलीगुड़ी नगर निगम में माकपा बोर्ड के बस कुछ दिन ही बाकी हैं.
क्या है पूरी रणनीति
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 के नगर निगम चुनाव में माकपा ने 23 सीटें हासिल की थीं. इसके बाद 15 नंबर वार्ड के निर्दलीय पार्षद अरविंद घोष के समर्थन से माकपा ने निगम की सत्ता हासिल की. इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं. इसके अलावा कांग्रेस की झोली में चार और भाजपा की झोली में दो सीटें गयी थीं. सिलीगुड़ी नगर निगम में माकपा का बोर्ड बनने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस के साथ तृणमूल तालमेल बैठाने की कोशिश कर रही है.
लेकिन कांग्रेस इस मिलाप के लिए तैयार नहीं है. कांग्रेस का कहना है कि तृणमूल का साथ देकर वह अपनी जमीन खोना नहीं चाहती है. अब राज्य में दोबारा सत्ता हासिल करने के बाद तृणमूल ने एक नया दांव खेला है. माकपा पार्षद और मेयर परिषद को तृणमूल में शामिल कराने की रणनीति बनायी गयी है. इसके लिये माकपा पार्षदों और मेयर परिषदों को विभिन्न तरह के प्रलोभन भरा प्रस्ताव भी तैयार किया जा चुका है. निगम के समीकरण के मुताबिक सिलीगुड़ी नगर निगम के 47 वार्डों में से तृणमूल के कब्जे में 17 वार्ड पहले से हैं. निगम में बोर्ड बनाने के लिए 24 सीटों की आवश्यकता है. इस आंकड़े तक पहुंचने के लिये तृणमूल को मात्र छह वार्ड पार्षदों को शामिल कराने की जरूरत है. इसके लिए तृणमूल ने छह माकपा वार्ड पार्षदों की सूची भी तैयार कर ली है.
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तृणमूल द्वारा तैयार की गयी तालिका में पांच नंबर वार्ड की पार्षद दुर्गा सिंह, 26 नंबर वार्ड पार्षद दिपायन राय, 39 न‍ंबर वार्ड पार्षद रेवा सरकार, 42 नंबर वार्ड पार्षद दिलीप सिंह, 43 नंबर वार्ड पार्षद रागिनी सिंह आदि का नाम शामिल है. उल्लेखनीय है कि दिलीप सिंह वर्तमान माकपा बोर्ड में निगम के चेयरमैन हैं. इसके अतिरिक्त तृणमूल द्वारा निगम पर कब्जा करने के बाद मेयर, उपमेयर, चेयरमैन और मेयर परिषद की तालिका भी तैयार कर रखी है. इसके अनुसार दिलीप सिंह के लिए मेयर का पद और रेवा सरकार के लिये पांच नंबर बोरो चेयरमेन का पद प्रस्तावित किया गया है. जबकि निगम के वर्तमान विरोधी दल नेता नांटू पाल को चेयरमैन, तृणमूल वार्ड पार्षद कृष्ण चंद्र पाल को उपमेयर बनाया जायेगा. जबकि वरिष्ठ तृणमूल नेता रंजन सरकार, रंजनशील शर्मा, दुलाल दत्ता आदि को मेयर परिषद में शामिल किया जायेगा.
क्या दिलीप बलि का बकरा बनेंगे!
सिलीगुड़ी नगर निगम पर कब्जे के लिए तृणमूल कांग्रेस ने दिलीप सिंह को बलि का बकरा बनाने की योजना बना रखी है. विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि दिलीप सिंह को सामने रखकर अन्य माकपा वार्ड पार्षदों को तृणमूल में शामिल करना काफी आसान होगा. मेयर पद का प्रस्ताव बस प्रलोभन मात्र है.
दिलीप सिंह को भी अधिक समय तक मेयर पद पर रहने नहीं दिया जायेगा. इधर, 15 नंबर वार्ड पार्षद अरविंद घोष उर्फ ओमू दा शारीरिक रूप से काफी अस्वस्थ है. हाल ही में वे मुम्बई से इलाज कराकर लौटे हैं. फिर भी उनकी शारीरिक अवस्था कुछ ठीक नहीं है. वार्ड पार्षद की हैसियत से वे विकास कार्यों में अधिक रुचि भी नहीं ले रहे हैं. इसी वजह से वह वार्ड पार्षद पद से इस्तिफा देने पर विचार कर रहें है.
ओमू दा के इस्तरफा देने की जानकारी मिलने के बाद तृणमूल ने एक और रास्ता इख्तियार कर रखा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव की नजर भी मेयर की कुरसी पर है. यदि ओमू दा इस्तीफा देते हैं तो गौतम देव वार्ड नंबर 15 से वार्ड पार्षद चुनाव में खड़े होंगे. नगर निगम का समीकरण बदलने के बाद इतनी बड़ी हस्ती का जीतना भी लगभग तय होगा. वार्ड पार्षद बनने के बाद मंत्री मेयर की कुरसी पर शोभायमान होंगे. और दिलीप सिंह को किसी अन्य पद पर स्थानांतरित किये जाने की योजना है.
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