धूपगुड़ी में फिर एक बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jul 2016 1:42 AM
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धूपगुड़ी. भारत-बांग्लादेश के हिली व बनगांव सीमांत सुरक्षित नहीं हैं. बांग्लादेश में एक के बाद एक आतंकी हमलों की घटनाओं के बावजूद दूसरी तरफ से बिना किसी बाधा के युवक भारत में प्रवेश कर रहे हैं. इनमें से कुछ पुलिस की नजर में पड़ जाते हैं, तो कुछ इस पार आकर ठिकाना बना लेते हैं. […]
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धूपगुड़ी. भारत-बांग्लादेश के हिली व बनगांव सीमांत सुरक्षित नहीं हैं. बांग्लादेश में एक के बाद एक आतंकी हमलों की घटनाओं के बावजूद दूसरी तरफ से बिना किसी बाधा के युवक भारत में प्रवेश कर रहे हैं. इनमें से कुछ पुलिस की नजर में पड़ जाते हैं, तो कुछ इस पार आकर ठिकाना बना लेते हैं. धूपगुड़ी में इस तरह की घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं. तीन दिन में बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी की घटना दूसरी बार हुई है.
सोमवार देर रात धूपगुड़ी थाने के गश्त वाहन ने धूपगुड़ी चौराहे से दो लोगों को गिरफ्तार किया. इनके नाम विप्लव कीर्तनिया और सुकुमार सिकदर हैं. विप्लव बांग्लादेश के मानिकगंज जिले के सारिपपुर इलाके का रहने वाला है. वहीं उसे आश्रय देने वाला युवक सुकुमार सिकदर धूपगुड़ी ब्लॉक के डाउकीमारी इलाके का रहने वाला है. मंगलवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया. इससे पहले शनिवार रात को धूपगुड़ी के सजनापाड़ा इलाके से सुमन हालदार नामक एक युवक को गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस ने बताया कि सुमन हालदार एक साल पहले बाग्लादेश से भारत में घुसा था और अपने रिश्तेदार के घर रह रहा था. इस बारे में खबर पाकर पुलिस ने सुमन को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन प्रश्न यह है कि एक साल से एक बांग्लादेशी भारत में घुसकर रह रहा था और पुलिस को इसकी कोई खबर क्यों नहीं मिली. पुलिस का कहना है कि इस तरह की घुसपैठ के बारे में खबर इसलिए नहीं मिल पाती है कि स्थानीय लोग उन्हें शरण देते हैं. इसी कारण सोमवार को पुलिस ने घुसपैठ करने वाले के साथ-साथ आश्रयदाता युवक को भी गिरफ्तार किया.
बर्दमान विस्फोट कांड के बाद से पूरे राज्य में यह चेतावनी जार की गयी है कि बिना पहचान की पुष्टि किये किसी को आश्रय नहीं दें. इसके अलावा किसी को किराये पर मकान देते समय उसका पूरा ब्योरा स्थानीय पुलिस को उपलब्ध करायें. लेकिन आम लोग पुलिस के निर्देशों की परवाह नहीं करते हैं. इसके चलते घुसपैठिये आसानी से ठिकाना पाने में सफल हो जाते हैं. गिरफ्तार विप्लव के कीर्तनिया ने मंगलवार को बताया कि वह हिली सीमांत से भारत में घुसा और बिना किसी बाधा के धूपगुड़ी आ गया. सीमा पार कराने के लिए एक व्यक्ति ने उससे दो हजार रुपये लिये थे. उसने पैसा लेकर सीमा पार करा दिया और कहीं कोई परेशानी नहीं आयी. हालांकि बाद में वह पकड़ लिया गया.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह आसान घुसपैठ से कभी भी कोई विनाशकारी घटना हो सकती है. सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल और अन्य बलों को और ज्यादा सचेत और सक्रिय रहने की जरूरत है. एक साल पहले भारत में घुसपैठ करने वाला सुमन हालदार बनगांव सीमांत से भारत में घुसा था. यह बताता है कि भारत-बांग्लादेश का हिली सीमांत हो या बनगांव, कोई भी सुरक्षित नहीं है.
इधर, सिलीगुड़ी के बीएसएफ के एक इंस्पेक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हिली सीमांत हमारे दायरे में नहीं आता है. इसके अलावा यह सीमांत जंगल से घिरा हुआ है. ऐसे में ऐसी घटना घट सकती है. हमलोग पूरे मामले को देखेंगे. वहीं जलपाईगुड़ी की जिला अधिकारी मुक्ता आर्य ने कहा कि पुलिस पूरे मामले को देख रही है. आम लोगों से निवेदन है कि वह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और किसी भी घुसपैठिये के बारे में खबर मिलते ही पुलिस को सूचित करें. इधर, जिला पुलिस अधीक्षक आकाश मेघारिया ने बताया कि गिरफ्तार घुसपैठिये से पूछताछ की जा रही है.
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