इस साल ऑफ ईयर होने के नाते ज्यादा आम नहीं हुआ है. पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन आम के सभी पेड़ों का टेंडर बीते मार्च महीने में कर दिया गया था. ज्यादा खर्च लगने की वजह से हमने विज्ञापन या विज्ञप्ति नहीं निकाले. वहीं बागवानी विभाग के सूत्रों ने बताया, मालदा जिले की करीब 30 हजार हेक्टेयर जमीन पर आम की बागवानी होती है. ओल्ड मालदा, रतुआ, कालियाचक- 1, 2, 3, इंगलिशबाजार, मानिकचक, हरिश्चंद्रपुर और अन्य ब्लॉकों में बड़े पैमाने पर आम का उत्पादन किया जाता है.
जिले का लंगड़ा, लक्ष्मणभोग, हिमसागर, गोपालभोग, किशनभोग, फजली आम प्रसिद्ध है. बागवानी विभाग ने बताया, आम के रकबे में 200 हेक्टेयर की वृद्धि के लिए साल 2015-16 की बारिश में 55 हजार 240 पौधे वितरित किये गये. इसके अलावा विभिन्न ब्लॉकों में किसानों के लिए परामर्श शिविर भी आयोजित किये गये. बागमानी विभाग के जिला उप-निदेशक राहुल चक्रवर्ती ने बताया, पिछला साल ऑन ईयर था और मालदा में तीन लाख 75 हजार टन आम का उत्पादन हुआ था. इस साल ऑफ ईयर है, पर इसके बावजूद तीन लाख मीट्रिक टन से ऊपर आम का उत्पादन होने की उम्मीद है.

