ममता बनर्जी मेरी कोच हैं, जो कहेंगी वही करूंगा : बाइचुंग

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सिलीगुड़ी : देश के लिए फुटबॉल खेलकर पसीना बहाने वाले बाइचुंग भुटिया को अब राजनीति के मैदान में खेल के मुकाबले कहीं अधिक पसीना बहाना पड़ रहा है. वह सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से तृणमूल उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. चुनाव प्रचार के लिए वह दिन-रात एक कर रहे हैं. अपने तमाम व्यस्तताओं […]

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सिलीगुड़ी : देश के लिए फुटबॉल खेलकर पसीना बहाने वाले बाइचुंग भुटिया को अब राजनीति के मैदान में खेल के मुकाबले कहीं अधिक पसीना बहाना पड़ रहा है. वह सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से तृणमूल उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. चुनाव प्रचार के लिए वह दिन-रात एक कर रहे हैं. अपने तमाम व्यस्तताओं के बीच उनके घर में प्रभात खबर की विशेष बातचीत हुई. यहां पेश है उसी बातचीत के मुख्य अंश-
प्रश्न : आप पड़ोसी राज्य सिक्किम के मूल निवासी हैं. फुटबॉल के मैदान में आपने इतना नाम कमाया है किआप सिक्किम में भी राजनीति कर सकते थे. फिर आप पश्चिम बंगाल और खासकर सिलीगुड़ी राजनीति करने कैसे आ गये?
उत्तर : मैं देश के लिए वर्षों तक फुटबॉल खेल चुका हूं. अपने खेल के जरिये मैंने देश की सेवा की है. पूरा देश ही मेरा घर है. यह सही है कि मैं सिक्किम का मूल निवासी हूं, लेकिन सिलीगुड़ी भी मेरी कर्मभूमि रही है. यहां मेरा अपना मकान है और मैं इस शहर में पेट्रोल पंप चलाने के साथ ही और भी कई कारोबार करता हूं. ऐसे में मुझे सिर्फ सिक्किम का कहना सही नहीं होगा.
इस बार के चुनाव में विरोधी उन्हें बाहरी करार दे रहे हैं, जो एक साजिश है. ममता बनर्जी द्वारा विकास कार्योँ के आगे किसी भी विरोधी पार्टियों को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है. इसलिए विरोधी उन्हें बाहरी करार देकर अफवाह फैला रहे हैं.
प्रश्न : आपकी छवि काफी साफ रही है, जबकि तृणमूल के कई नेता और मंत्री पर घोटाले के आरोप लग चुके हैं. नारद स्टिंगकांड में कई तृणमूल नेताओं को घुस के रूप में पैसे लेते दिखाया गया है. कहीं इसका असर आपके चुनाव परिणाम पर तो नहीं पड़ेगा?
उत्तर : इस तरह के झूठे अफवाह से तृणमूल तथा मेरी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता. विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है. नारद स्टिंग मामले की जांच चल रही है. राज्य के लोग ममता बनर्जी द्वारा किये गये विकास कार्योँ को देखकर मतदान करेंगे. इससे पहले लोकसभा चुनाव में विरोधियों ने सारधा घोटाले का आरोप लगाते हुए तृणमूल को बदनाम करने की कोशिश की थी. चुनाव परिणाम सबसे सामने है. मोदी लहर के बाद भी राज्य में लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की भारी जीत हुई. अब विधानसभा चुनाव में विरोधी नारद स्टिंग कांड को उठा रहे हैं. इसका कोई लाभ विरोधियों को नहीं होगा. विधानसभा चुनाव में तृणमूल की भारी जीत होगी.
प्रश्न : आपका मुख्य मुकाबला किसके साथ है और आपके विरोधी माकपा उम्मीदवार अशोक भट्टाचार्य के बारे में आप क्या कहेंगे?
उत्तर : मेरे मुकाबले कोई भी पार्टी का उम्मीदवार दमदार नहीं है. कौन मेरे खिलाफ चुनाव लड़ रहा है, इसके बारे में मैं नहीं सोचता. जहां तक अशोक भट्टाचार्य का सवाल है, तो उनके साथ मेरे निजी संबंध काफी अच्छे हैं.
प्रश्न : पिछली बार तो आपने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अशोक भट्टाचार्य का चुनाव प्रचार किया था. इस बार आप उनके खिलाफ लड़ रहे हैं.
उत्तर : मैंने पहले ही कहा है कि अशोक भट्टाचार्य के साथ मेरे निजी संबंध काफी अच्छे रहे हैं. इसीलिए मैंने उनका चुनाव प्रचार किया. मैंने अशोक भट्टाचार्य के लिए प्रचार किया था, माकपा के लिए नहीं. जहां तक उनके खिलाफ चुनाव लड़ने का सवाल है, तो मैं एक प्रोफेशनल खिलाड़ी रहा हूं. जब मैं मैदान में उतरता हूं तो यह नहीं देखता कि सामने किस टीम के खिलाफ मुकाबला है. इस बार राजनीति के मैदान में भी मैं यही कर रहा हूं. मैं चुनाव जीतके लिए लड़ रहा हूं. विरोधी टीम का कौन खिलाड़ी मेरे सामने हैं, इससे मेरे सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता.
प्रश्न : आप लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. उसके बाद अब विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. कुछ लोग कहते हैं कि अगर इस बार भी आपकी हार होती है, तो अगली बार कहीं आप सिलीगुड़ी नगर निगम का चुनाव तो नहीं लड़ेंगे?
उत्तर : देखिए, कौन खिलाड़ी किस पोजिशन पर खेलेगा, फुटबॉल में इसका निर्णय कोच करता है. मैं जब फुटबॉल खेलता था तब कोच जिस पोजिशन पर खेलने के लिए बोलते थे, मैं उसी पोजिशन पर खेलता था. चुनाव में क्या होगा, यह आगे देखा जायेगा. जहां तक नगर निगम चुनाव लड़ने की बात है, तो ममता बनर्जी मेरी टीम की कोच हैं. वह जहां, जिस पोजिशन पर चुनाव लड़ने के लिए कहेंगी, मैं उसी पोजिशन पर चुनाव लड़ लूंगा.
प्रश्न : सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से तृणमूल के कई नेता चुनाव लड़ना चाहते थे. उन्हें टिकट न देकर पार्टी ने आपको टिकट दिया है. इससे तृणमूल के कई स्थानीय नेता नाराज हैं.
उत्तर : इस बारे में मैं कुछ अधिक नहीं कहूंगा. मुझे ममता बनर्जी ने चुनाव लड़ने के लिए कहा है और मैं उन्हीं के निर्देश पर चुनाव लड़ रहा हूं.
प्रश्न : चुनाव प्रचार में स्थानीय तृणमूल नेताओं का तो आपको विशेष सहयोग नहीं मिल रहा है.उत्तर : ऐसी बात नहीं है. शुरू में थोड़ी परेशानी हुई थी. स्थानीय पार्टी नेता खुलकर मेरे समर्थन में नहीं आ रहे थे. मैंने सभी से बात की. इतना ही नहीं, मैंने कई नेताओं की शिकायत भी ममता बनर्जी से करने की तैयारी की थी. यह परेशानी कुछ ही दिनों तक थी. अभी सबकुछ सामान्य है. मेरी पार्टी के सभी नेता चुनाव में मेरा पूरा सहयोग कर रहे हैं.
प्रश्न : यदि आप चुनाव जीतते हैं तो आपकी पहली प्राथमिकता क्या होगी?
उत्तर : मैं सिलीगुड़ी में खेल को बढ़ावा दूंगा. यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है. लेकिन उनका सही विकास नहीं हो रहा है. यहां खेल के ढांचागत सुविधाओं की भी कमी है. मैं आवश्यक ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करूंगा. सिलीगुड़ी में फुटबॉल के कुछ अंतर्राष्ट्रीय मैच हुए हैं. क्रिकेट और टेनिस के मैच नहीं कराये गये हैं. मेरी कोशिश अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट तथा टेनिस मैच कराने की होगी.
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