चाकुलिया सीट पर सेंध लगाने में जुटी तृणमूल

Updated:
विज्ञापन

सिलीगुड़ी. वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल को सत्ता में लाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार के चुनाव में माकपा के साथ मिलकर सत्ता के गलियारे तक पहुंचने का ख्वाब देख रही है. यही वजह कि यह पार्टी कही भी तृणमूल कांग्रेस को राहत देना नहीं चाहती़ खासकर अपने गढ़ में. राज्य में उत्तद […]

विज्ञापन
सिलीगुड़ी. वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल को सत्ता में लाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार के चुनाव में माकपा के साथ मिलकर सत्ता के गलियारे तक पहुंचने का ख्वाब देख रही है. यही वजह कि यह पार्टी कही भी तृणमूल कांग्रेस को राहत देना नहीं चाहती़ खासकर अपने गढ़ में. राज्य में उत्तद दिनाजपुर जिले में कांग्रेस की स्थित काफी मजबूत रही है़ यहां वाम मोरचा की पकड़ भी अच्छी है. दोनों ही पार्टियां तृणमूल को राहत देने के मूड में नहीं है़ हांलाकि इसबार के राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कई सीटों पर पहली बार चुनाव लड़ रही है.

इसी में उत्तर दिनाजपुर जिले के फॉरवार्ड ब्लॉक का गढ़ माना जाने वाला चाकुलिया सीट भी है़ पार्टी इस सीट पर सेंध लगाने की कोशिश कर रही है. हांलाकि चुनावी रेस में फॉरवार्ड ब्लॉक उम्मीदवार अली इमरान रम्ज ही आगे दिख रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में अली इमरान ने कांग्रेस के सेराजुल इस्लाम को 20 हजार 413 वोटों के एक बड़े अंतर से परास्त किया था. जाहिर है कि इलाके में कांग्रेस समर्थक भी कम नहीं है. माकपा के साथ कांग्रेस का गठबंधन होने से अली इमरान को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है. अब ऐसी परिस्थिति में तृणमूल सुप्रीमो ने आलेमा नूरी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है. हांलाकि आलेमा नूरी अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रही हैं, लेकिन उनकी रैली या सभा में उतनी भीड़ इकट्ठी नहीं हो रही है जितने लोग माकपा व कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अली इमरान की सभा में जमा हो रहे हैं.

चाकुलिया विधानसभा केंद्र की समस्याओं की बात की जाये तो पेयजल की समस्या पूरे उत्तर दिनाजपुर की है. यहां भी जल में काफी मात्रा में आर्सेनिक व आयरन पाया जाता है. यह समस्या काफी पुरानी है लेकिन किसी ने भी आजतक स्थायी समाधान की ओर कदम नहीं बढ़ाया है. स्थानीय लोगों के अनुसार शिक्षा व स्वास्थ्य की स्थिति पहले से सुधरी जरूर है किन्तु अभी और विकास की जरूरत है. पक्के सड़क बने है, फिर भी ग्रामीण इलाकों की अधिकांश सड़के अभी तक कच्ची है. सभी राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवार विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव प्रचार में उतरे हैं. जबकि माकपा व कांग्रेस के नेता तृणमूल सरकार के समय राज्य में हुए घोटाले, चिटफंड कांड, महिलाओं के विरूद्ध बढ़े अपराध व ज्वलंत नारदा कांड को हथियार के रूप में व्यवहार कर रहे हैं. इधर, तृणमूल उम्मीदवार आलेमा नूरी ममता बनर्जी के निर्देशानुसार तृणमूल सरकार की उपलब्धियों को लेकर जन दरबार में दस्तक दे रही है. इस सीट पर मुख्य मुकाबला माकपा-कांग्रेस समर्थित फॉरवार्ड ब्लॉक उम्मीदवार अली रमजान रम्ज और तृणमूल उम्मीदवार आलेमा नूरी के बीच होना है.
कौन-कौन हैं मैदान में
फॉरवार्ड ब्लॉक ने एक बार फिर विधायक अली रमजान रम्ज पर ही भरोसा जताया है. जबकि ममता बनर्जी ने माकपा-कांग्रेस गठबंधन उम्मीदवार के विरूद्ध आलेमा नूरी को चुनाव मैदान में खड़ा किया है. भाजपा ने असीम कुमार मृधा को उम्मीदवार बनाया है. बहुजन समाजवादी पार्टी(बीएसपी) की ओर से गौतम चंद्र पाल, समाजवादी पार्टी(एसपी) से मीर मसुद आलम और एक निर्दलीय उम्मीदवार रफीकुल आलम भी चुनाव मैदान में हैं. वर्ष 2011 के चुनाव में भाजपा, बीएसपी,जोडीपी व निर्दलीय उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में चाकुलिया विधानसभा केंद्र में कुल 1 लाख 67 हजार 001 मतदाता थे. जबकि कुल मतदाताओं में से 74.97 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था. जिसमें से सिर्फ फॉरवार्ड ब्लॉक के अली इमरान को 52.13 प्रतिशत वोट मिले थे.
वर्ष 2011 का चुनाव परिणाम
एली इमरान रम्ज (फॉरवार्ड ब्लॉक) 65 हजार 265 वोट
सेराजुल इस्लाम (कांग्रेस) 44 हजार 852 वोट
गुलाम चंद्र पाल (बीएसपी) 5 हजार 287 वोट
कालीपद घोष (भाजपा) 4 हजार 052 वोट
दुर्गा हेमब्रम (जेडीपी) 3 हजार 081 वोट
राज कुमार जैन (निर्दलीय) 2 हजार 661 वोट
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola