दलबदल: गुरूंग ने किया मणि गुरूंग का पार्टी में स्वागत, सुभाष घीसिंग के अनुयायी ने थामा गोजमुमो का दामन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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दार्जिलिंग. गोरामुमो के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय सुभाष घीसिंग के अनुयायी मणि गुरूंग ने मंगलवार को गोरखा जन मुक्ति मोरचा (गोजमुमो) का दामन थाम लिया. सुबह तकवर के पातलेबास स्थित गोजमुमो के केंद्रीय कार्यालय में मोरचा प्रमुख विमल गुरूंग की विशेष उपस्थिति में मणि गुरूंग ने गोजमुमो का का झंडा थामा. इस अवसर पर मणि गुरूंग […]
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दार्जिलिंग. गोरामुमो के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय सुभाष घीसिंग के अनुयायी मणि गुरूंग ने मंगलवार को गोरखा जन मुक्ति मोरचा (गोजमुमो) का दामन थाम लिया. सुबह तकवर के पातलेबास स्थित गोजमुमो के केंद्रीय कार्यालय में मोरचा प्रमुख विमल गुरूंग की विशेष उपस्थिति में मणि गुरूंग ने गोजमुमो का का झंडा थामा.
इस अवसर पर मणि गुरूंग ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि गोरामुमो में अनुशासन का अभाव है और उसके फैसले भी स्पष्ट नहीं हैं. उन्होंने कहा कि छठी अनुसूची का पुरजोर विरोध करनेवाले विधायक डॉ हर्क बहादुर छेत्री के नयी राजनीति पार्टी का गठन करने की चर्चा चलने पर गोरामुमो का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें बधाई और शुभकामना देने लगा. अपने पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन गोरामुमो के शीर्ष नेतृत्व को दूसरों की चिंता सता रही है. ऐसी स्थिति में मैंने गोजमुमो में शामिल होने का निर्णय लिया है.
उन्होंने कहा कि सुभाष घीसिंग और मैं काफी दिनों तक साथ-साथ रहे. श्री घीसिंग ने विमल गुरूंग को कभी शत्रु नहीं माना. देश और पहाड़ की वर्तमान राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए मुझे गोजमुमो प्रमुख विमल गुरूंग के अलावा कोई नेता एवं पार्टी नजर नहीं आ रही है. मणि गुरूंग का गोजमुमो में स्वागत करते हुए मोरचा प्रमुख विमल गुरूंग ने कहा कि मणि गुरूंग एक आदर्शवादी व्यक्ति हैं. मैं उनकी आदर्शप्रियता को सलाम करता हूं और उनके अपनी पार्टी में शामिल होने पर खुशी प्रकट करता हूं.
अब ममता से कोई बात नहीं होगी : विमल गुरूंग
21 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहाड़ यात्रा के संदर्भ में पूछे जाने पर विमल गुरूंग ने कहा कि ममता बनर्जी ने गोरखाओं की जात गोष्ठियों की बात करके विभाजन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अब जो भी बात होगी वो केंद्र सरकार के साथ होगी. राज्य सरकार के साथ कोई बात नहीं होगी. हमारी मांग गोरखालैंड है और इसके लिए हम केंद्र से बात कर रहे हैं.
हर्क बहादुर रिमोट से चल रहे हैं
हर्क बहादुर छेत्री आगामी 31 जनवरी को नयी पार्टी की घोषणा करने जा रहे हैं, इस पर विमल गुरूंग ने सीधा कहा कि यह अच्छी बात है, हम लोग भी इसी दिन का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस दिन हर्क बहादुर छेत्री नयी पार्टी की घोषाण करेंगे, उसी दिन पहाड़ की जनता जान जायेगी कि उनका रिमोट्र कन्ट्रोल कहां है. श्री गुरूंग ने कहा कि डॉ छेत्री बंगाल सरकार के रिमोट कन्ट्रोल से चलनेवाली गुड़िया हैं. उनके मंच पर बैठनेवाले भी सभी बंगाल सरकार के रिमोट से चलते हैं. यह पूछे जाने पर कि डॉ छेत्री कहते आ रहे हैं कि जीटीए भ्रष्टाचार में डूबा है, श्री गुरूंग ने कहा कि हर्क बहादुर छेत्री मोरचा का विधायक बनकर साढ़े चार साल तक रहे, उस दौरान उन्हें जीटीए में भ्रष्टाचार की याद नहीं आयी, लेकिन अब उन्हें जीटीए में भ्रष्टाचार दिखायी देने लगा. यह प्रमाण है कि वह बंगाल सरकार के रिमोट से चलते हैं. फिर भी हम उन्हें चुनौती देते हैं कि यदि जीटीए में भ्रष्टाचार है, तो वह प्रमाणित करें.
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