विधानसभा स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन ने की बैठक

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सिलीगुड़ी. वन विभाग सहित कई विभागों के कार्यालयों में अधिकारियों की कमी की है़ इसकी वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है़ इसके अलवा तीनधरिया होकर दार्जिलिंग जाने वाली सड़क काम पिछले पांच वर्षों से ठप पड़ा है. खाली पदों को भरने तथा बंद काम शीघ्र शुरू करने का चिकित्सा , सिंचाई विभाग आदि के […]

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सिलीगुड़ी. वन विभाग सहित कई विभागों के कार्यालयों में अधिकारियों की कमी की है़ इसकी वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है़ इसके अलवा तीनधरिया होकर दार्जिलिंग जाने वाली सड़क काम पिछले पांच वर्षों से ठप पड़ा है. खाली पदों को भरने तथा बंद काम शीघ्र शुरू करने का चिकित्सा , सिंचाई विभाग आदि के विधानसभा स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन मानस भुइंया ने दिया़ इसके अलावा उन्होंने कई विभागों से किये गये कार्यों की रिपोर्ट भी मांगी.

सिलीगुड़ी राज्य अतिथि भवन में विधान सभा स्टैडिंग कमिटी की ओर से इन मुद्दों को लेकर बैठक आयोजित की गयी थी. आज की इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी,राष्ट्रीय राजमार्ग, वन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. बैठक के अंत में पत्रकारों को संबोधित करते हुये स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन मानस भुइया ने बताया कि वन विभाग में 65 प्रतिशत तक अधिकारियों व वन कर्मचारियों की कमी है. रिक्त पदों के भरे नहीं जाने से समस्या उत्पन्न हो रही है. इसके अतिरिक्त उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व उत्तर बंगाल के विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकों व चिकित्सका कर्मचारियों की भारी कमी है़ जिसे अविलंब पूरा करना होगा. मानस भुइंया ने कहा कि एंकेफ्लाटिस व डेंगू रोकथाम की दिशा में चिकित्सा विभाग ने काफी काम किया है़ जिसकी वजह से दोनों बीमरियों का प्रकोप अबतक सामने नहीं आया है. चिकित्सकों के अभाव की वजह से दार्जिलिंग, कर्सियांग, कालिंपोंग व सिलीगुड़ी आदि सदर अस्पतालों में आउटडोर सेवा बंद होने के कागार पर है़ यदि ऐसा होता है तो नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. इसके अतिरिक्त अस्पतालों में मरीजों की संख्या के मुकाबले बेडो की भारी कमी है. इसके अलावा कर्मचारियों के अभाव में वन्य प्राणियों पर ठीक तरह से निगरानी नहीं रखी जा रही है़ इसके परिणाम स्वरूप वन्य प्राणियों की अप्राकृतिक मौत के मामले बढ़े हैं.

जिसमे सबसे अधिक हाथियों की मौत का मामला है़ इसके अलवा हाथियों पर निगरानी भी नहीं रखी जा पा रही है़ हाथी किसी किसी गांव में घुसकर काफी आतंक मचा रहें है. पीडब्लूडी विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुये श्री भुइंया ने बताया कि उत्तर बंगाल में रास्ता बनाने का काम आगे बढ़ा है लेकिन तीनधरिया का काम काफी सालों से ठप पड़ा हुआ है़ श्री भुइंया ने आगे बताया कि सिंचाई विभाग को 178 करोड़ रूपया आवंटित किया गया, लेकिन तीस्ता बैरेज के काम में अब तक सिर्फ 28.96 करोड़ रूपया ही खर्च किया गया है. इसमें जमीन को लेकर काफी समस्या हो रही है़ बातचीत के जरिए समस्या को हल करने के अलावा राज्य सरकार के पास अन्य कोई चारा नहीं है. इसके अतिरिक्त समतल सहित पहाड़ में भूकंप व भूस्खलन की वजह से पेयजल की पाइपलाईन को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है. पीएचइ विभाग को जल्द ही पाइप लाईनों की मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है. रूपये के अभाव में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में पेयजल की काफी समस्या हो रही है.

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