सियासत: मेयर ने सीएम पर बोला हमला, ममता पर लगाया तानाशाही का आरोप, कहा अधिकारियों में है भय का माहौल

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सिलीगुड़ी. पूरे देश में इन दिनों सहिष्णुता को लेकर काफी चर्चा चल रही है. विभिन्न हलकों में देश में असहिष्णुता होने की बात कही जा रही है. वास्तविक स्थिति यह है कि पश्चिम बंगाल राज्य में सबसे अधिक असहिष्णुता है. न केवल आम लोग, बल्कि सरकारी अधिकारी भी मुंह खोलने से डरते हैं. सिलीगुड़ी के […]

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सिलीगुड़ी. पूरे देश में इन दिनों सहिष्णुता को लेकर काफी चर्चा चल रही है. विभिन्न हलकों में देश में असहिष्णुता होने की बात कही जा रही है. वास्तविक स्थिति यह है कि पश्चिम बंगाल राज्य में सबसे अधिक असहिष्णुता है. न केवल आम लोग, बल्कि सरकारी अधिकारी भी मुंह खोलने से डरते हैं.

सिलीगुड़ी के मेयर तथा पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कुछ इसी अंदाज में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला. वह शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने मुख्यमंत्री पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके डर से राज्य में किसी को मुंह खोलने की हिम्मत नहीं है.

स्थिति यह हो गई है कि सरकारी अधिकारी विरोधी नेताओं से बात करने तक से कतराते हैं. उनके साथ भी कई बार इस प्रकार का वाक्या हो चुका है. वह जब भी कोलकाता में सिलीगुड़ी नगर निगम के काम से किसी सरकारी अधिकारी से बातचीत करना चाहते हैं, तो वह अधिकारी बात नहीं करना चाहता. वास्तविकता यह है कि सरकारी अधिकारियों में भय का माहौल बना हुआ है. इससे बड़ी असहिष्णुता की बात भला और क्या होगी. एक अधिकारी ने उनसे बताया कि यदि वह उनसे मिलेंगे तो उनका तबादला कर दिया जायेगा. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र भी लिखेंगे. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि वह जनप्रतिनिधि हैं. सिलीगुड़ी के मेयर की हैसियत से वह शहर के विकास के लिए किसी भी मंत्री या अधिकारी से मिल ही सकते हैं. लेकिन राज्य सरकार इतनी असहिष्णु है कि वह चाह कर भी अधिकारियों या मंत्रियों से नहीं मिल सकते. मंत्री तो उन्हें मिलने का वक्त ही नहीं देते. जबकि अधिकारी तबादले की डर से बातचीत करने से कतराते हैं. पूरे राज्य में इसी तरह का माहौल बना हुआ है. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं एवं समर्थकों के सामने किसी की नहीं चलती. सभी लोग डरे-सहमे से रहते हैं. विरोधियों के साथ मारपीट की घटनाएं आम है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि वह बीस वर्षों तक राज्य के मंत्री रहे. तब उन्होंने ऐसा कभी नहीं किया था. आज जो लोग मंत्री बने हुए हैं वह लोग उस समय कहीं के मेयर अथवा काउंसिलर हुआ करते थे. जब वह लोग किसी काम के लिए उनके पास आते थे, तो वह न केवल उनके साथ बातचीत करते थे, बल्कि काम भी करते थे. अब स्थिति पूरी तरह से उल्टा हो गया है.

मुख्यमंत्री से मांगी आर्थिक सहायता
मेयर अशोक भट्टाचार्य ने सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके के विकास के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आर्थिक सहायता की भी मांग की है. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से नगर निगम को किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए राज्य सरकार का सहयोग जरूरी है. ममता बनर्जी स्वयं भी तो राज्य के विकास के लिए केन्द्र सरकार से आर्थिक सहायता की मांग करती हैं. जब केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की आर्थिक सहायता की जाती है, तो राज्य सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम को आर्थिक सहायता क्यों नहीं देगी. वह सिलीगुड़ी के मेयर हैं और सिलीगुड़ी का विकास उनकी जिम्मेदारी है.
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