11.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

आलू और धान के बाद अब आम किसान परेशान

मालदा: साहूकारों के ऋण के जाल में फंस कर मालदा समेत विभिन्न जिलों के किसानों का जीना मुहाल हो गया है. आलू, धान व अन्य फसलों की खेती के दौरान किसान इनलोगों से सूद पर रुपये लेते हैं और बाद में रुपये चुकाने में उनकी हालत खराब हो जाती है. फसलों की बरबादी व बाजार […]

मालदा: साहूकारों के ऋण के जाल में फंस कर मालदा समेत विभिन्न जिलों के किसानों का जीना मुहाल हो गया है. आलू, धान व अन्य फसलों की खेती के दौरान किसान इनलोगों से सूद पर रुपये लेते हैं और बाद में रुपये चुकाने में उनकी हालत खराब हो जाती है. फसलों की बरबादी व बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान कर्ज के रुपये नहीं चुका पाते हैं. ऋण के जाल से बचने के लिए पिछल कुछ महीनों में कइ किसानों ने आत्महत्या कर ली है.

आलू, धान के बाद अब आम को लेकर भी मालदा के किसान परेशानी में पड़ गये हैं. महाजनों से रुपये उधार लेकर आम की खेती की.अब आम का उत्पादन अधिक होने के बाद उसकी सही कीमत बाजार में नहीं मिल रही है.इससे आम किसान चिंतित हैं. किसानों का कहना है कि महाजनों के रुपये समय पर नहीं दे पाये तो घर-जमीन गिरबी रखनी पड़ेगी. सूद समेत असल समय पर लौटाने के लिए महाजनों की ओर से चेतावनी दी जा रही है. उल्लेखनीय है कि बीते 23 मई को चांचल महकमा के पुकुरिया थाने के धामोली गांव के किसान जामिरुद्दीन शेख (45) ने फसलों के नुकसान के बाद आत्महत्या कर ली थी. उसने चार बीघा जमीन पर आलू व धान की खेती की थी. उसने महाजन से 50 हजार रुपये उधार लिये थे. बाद में फसलों के नुकसान के बाद महाजन रुपये के लिए उसपर दबाव दे रहे थे. रुपये नही देने पर घर छीन लेने की धमकी भी उसे दी गयी थी. दबाव में आकर व डर से उसने आत्महत्या कर ली थी. बीते 22 अप्रैल को गाजोल थानांतर्गत कोहिनूर गांव के आलू किसान फजलुर रहमान (35) व महाकांदर गांव के आलू किसान वरुण सरकार (30) ने आत्महत्या किया था.

उन दोनों ने भी महाजनों से एक लाख रुपये उधार लिया था. मृत फजलुर के भाई नजरुल इस्लाम व वरुण सरकार के रिश्तेदार सितेश सरकार ने बताया कि महाजनों से एक लाख रुपये उधार लेकर उन्होंने आलू की खेती की थी. जमीन में आलू का व्यापक उत्पादन हुआ था, लेकिन उन्हें थोक व्यवसायियों से एक से दो रुपये प्रति किलो आलू के दाम मिल रहे थे. सही मूल्य नहीं मिलने से व महाजन के दबाव में आकर उन्होंने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली. मालदा के गाजोल, हबिबपुर, बामनगोला, ओल्ड मालदा, चांचल, रतुआ ब्लॉक में धान व आलू का फलन ज्यादा हुआ है. इसके अलावा जिले के 15 ब्लॉकों के करीब पांच लाख किसान आम की खेती के साथ जुड़े हुए हैं.

सरकार नहीं कर रही मदद
माकपा के विधायक तथा अखिल भारत कृषक सभा के नेता खगेन मुमरू ने बताया कि राज्य सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे है. किसानों को सरकार की ओर से लोन नहीं मिल रहा है. जिस कारण किसानों को महाजनों के जाल में फंसना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं कांग्रेस नेता
जिला कांग्रेस के महासचिव नरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस व प्रशासन सब नाम का है. विभिन्न गांवों में महाजनों का दबदबा चल रहा है और आम लोगों को वह अपना शिकार बना रहे हैं. सरकारी बैंकों से किसानों की सहायता नहीं की जाती है. प्रशासन को किसानों की मदद करनी चाहिए. पुलिस अधीक्षक प्रसून बनर्जी ने बताया कि इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज करायी जाती है, तो पुलिस जरूर आवश्यक कदम उठायेगी.

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel