सिलीगुड़ी नगर निगम: चेयरमैन व मेयर का चुनाव आज
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम का चुनाव परिणाम सामने आने के करीब तीन सप्ताह बाद अब बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसको लेकर पूरे सिलीगुड़ी में राजनीतिक गहमागहमी है और यहां का राजनीतिक पारा भी अपने पूरे उफान पर है. सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में 23 सीटें जीतने तथा एक निर्दलीय पार्षद के […]
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम का चुनाव परिणाम सामने आने के करीब तीन सप्ताह बाद अब बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसको लेकर पूरे सिलीगुड़ी में राजनीतिक गहमागहमी है और यहां का राजनीतिक पारा भी अपने पूरे उफान पर है. सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में 23 सीटें जीतने तथा एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन के बाद वाम मोरचा द्वारा बोर्ड गठन की तैयारी शुरू कर दी गयी थी. वाम मोरचा की ओर से मेयर पद के उम्मीदवार अशोक भट्टाचार्य तथा चेयरमैन पद के उम्मीदवार दिलीप सिंह ने 15 मई को अपना नामांकन दाखिल कर दिया था.
तब तक कहीं से भी नगर निगम के बोर्ड गठन को लेकर कोई भी गहमागहमी नहीं थी. 47 सदस्यों वाले नगर निगम में बोर्ड गठन के लिए 24 सीटों की आवश्यकता है. वाम मोरचा के पास अपने जीते हुए 23 पार्षद हैं, जबकि 15 नंबर वार्ड के निर्दलीय पार्षद अरविंद घोष उर्फ अमू दा का समर्थन भी वाम मोरचा के साथ है. स्वाभाविक तौर पर 24 सीटों की बदौलत वाम मोरचा बोर्ड गठन करने में सक्षम है. सिलीगुड़ी में यह मान लिया गया था कि वाम मोरचा द्वारा ही बोर्ड का गठन किया जायेगा, लेकिन शनिवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से मेयर तथा चेयरमैन पद हेतु नामांकन दाखिल करने के बाद पूरा समीकरण बदल गया है. तृणमूल कांग्रेस के पास मात्र 17 सीटें हैं और बोर्ड गठन के लिए इस पार्टी को अभी और 7 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता पड़ेगी. तृणमूल कांग्रेस 7 पार्षदों का समर्थन कहां से और कैसे जुटायेगी, इसको लेकर यहां चर्चाओं का बाजार गरम है.
तृणमूल कांग्रेस की ओर से चेयरमैन पद के लिए रंजन सरकार तथा मेयर पद के लिए नांटू पाल ने अपना नामांकन दाखिल किया है. दोनों ही तरफ के उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल किये जाने के बाद अब चेयरमैन तथा मेयर पद हेतु चुनाव तय है. सोमवार को सिलीगुड़ी नगर निगम में चेयरमैन तथा मेयर पद का चुनाव संपन्न होगा. आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे पहले नव निर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलायी जायेगी. दिन के एक बजे सभी नव निर्वाचित पार्षदों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है. नव निर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद चेयरमैन तथा मेयर पद का चुनाव संपन्न होगा. तीन बजे मतदान कराये जाने की संभावना है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गुप्त मतदान के जरिये मेयर तथा चेयरमैन का चुनाव होगा. सभी 47 पार्षद मतदान में हिस्सा लेंगे. इस मतदान को लेकर आये राजनीतिक तूफान में पुलिस प्रशासन की चिंता भी काफी बढ़ा दी है. किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम परिषद को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. रैफ के जवानों की भी तैनाती की गयी है. दूसरी तरफ मेयर तथा चेयरमैन पद के चुनाव को लेकर आज दिन भर ही सिलीगुड़ी में राजनीतिक गहमागहमी काफी तेज रही. तृणमूल कांग्रेस द्वारा भी मैदान में कूदने के बाद वाम मोरचा के साथ-साथ कांग्रेस तथा भाजपा के खेमे में भी खलबली मच गयी है.
सभी पार्टी अपने-अपने पार्षदों को अपने साथ बनाये रखने में जुटी हुई है. वाम मोरचा ने अपने सभी पार्षदों की किलेबंदी कर दी है.माकपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वाम मोरचा के सभी 23 पार्षद हिलकार्ट रोड स्थित माकपा कार्यालय अनिल विश्वास भवन में कैंप किये हुए हैं. कहा जा रहा है कि यह पार्षद शनिवार की रात को भी यहीं रुके हुए थे. वाम मोरचा में माकपा के कुल 21 पार्षद है, जबकि उसके दो प्रमुख घटक दल फॉरवार्ड ब्लॉक तथा आरएसपी के एक-एक पार्षद है. इस तरह से वाम मोरचा के कुल 23 पार्षद चुनाव जीतने में सफल हुए हैं. वाम मोरचा के पास जहां अपने इन पार्षदों को साथ बनाये रखने की चुनौती है वही दूसरी ओर, निर्दलीय पार्षद अरबिंद घोष को भी अपने साथ जोड़े रखना है. माकपा नेता तथा मेयर पद के उम्मीदवार अशोक भट्टाचार्य ने हालांकि इससे इनकार किया है. उनका कहना है कि सभी पार्षद एकजुट हैं और वह कहीं भी टूटकर नहीं जायेंगे. कुछ इसी तरह का दावा माकपा नेता जीवेश सरकार ने भी किया है. जीवेश सरकार ने कहा है कि वाम मोरचा के सभी पार्षद एकजुट हैं और तृणमूल कांग्रेस को अपना घर बचाने की चिंता करनी चाहिए. इस बीच तृणमूल के इस रुख के बाद कांग्रेस तथा भाजपा शिविर में भी हलचल है. कांग्रेस के पास चार पार्षद है, जबकि भाजपा के दो पार्षद विजयी हुए हैं. इससे पहले भाजपा के जिला महासचिव नंदन दास तृणमूल कांग्रेस पर अपने पार्षदों को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगा चुके हैं. कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के पास ही अपने पार्षदों को अपने साथ बनाये रखने की सबसे बड़ी चुनौती है.
किसके कितने पार्षद
47 सदस्यीय नगर निगम में वाम मोरचा के कुल 23 पार्षद है. इसके अलावा वा मोरचा को एक निर्दलीय पार्षद का भी समर्थन हासिल है. स्वाभाविक तौर पर बोर्ड गठन के लिए वाम मोरचा के पास 24 सदस्यों का पूर्ण बहुमत है. यदि तृणमूल कांग्रेस बोर्ड बनाती है तो उन्हें भी 24 सदस्यों की आवश्यकता होगी. तृणमूल कांग्रेस के पास अपने 17 पार्षद है. भाजपा के दो, कांग्रेस के चार तथा एक निर्दलीय पार्षद तृणमूल के खेमे में आ जाये तो तृणमूल की सीटों की संख्या बढ़ कर 24 हो जायेगी. ऐसे में तृणमूल कांग्रेस बोर्ड का गठन कर सकती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










