एनआरसी से गोरखा हो जायेंगे शरणार्थी

Published at :23 Dec 2019 2:56 AM (IST)
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एनआरसी से गोरखा हो जायेंगे शरणार्थी

बिन्नागुड़ी : एनआरसी और नागरिकता कानून को लेकर डुआर्स इलाके में विनय तामांग ग्रुप ने अपना संगठन विस्तार करने को लेकर रविवार को इलाके का दौरा किया. गोजमुमो अध्यक्ष विनय तामांग डुआर्स गोरखा जनमुक्ति मोर्चा इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बानरहाट के दौरे पर पहुंचे. बानरहाट में विनय तमांग का […]

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बिन्नागुड़ी : एनआरसी और नागरिकता कानून को लेकर डुआर्स इलाके में विनय तामांग ग्रुप ने अपना संगठन विस्तार करने को लेकर रविवार को इलाके का दौरा किया. गोजमुमो अध्यक्ष विनय तामांग डुआर्स गोरखा जनमुक्ति मोर्चा इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बानरहाट के दौरे पर पहुंचे. बानरहाट में विनय तमांग का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया. जनसभा को संबोधित करते हुए विनय तामांग ने कहा कि एनआरसी और नागरिकता कानून लागू हुआ तो देश के गोरखा शरणार्थी हो जाएंगे.

उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि हम अपनी जान दे देंगे, लेकिन दार्जिलिंग, कालिम्पोंग एवं डुआर्स-तराई इलाकों में एनआरसी और नागरिकता कानून लागू नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि 2014 तक अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश से आए शरणार्थी देश के नागरिक बन जाएंगे.
लेकिन सदियों से यहां बसे गोरखा समुदाय क्या शरणार्थी हो जाएंगे. यह है एनआरसी और नागरिकता कानून का काला सच. नतीजा कुछ भी हो गोरखा जनमुक्ति मोर्चा इस कानून के विरोध में आंदोलनरत है. इस दौरान डुआर्स के अलग-अलग इलाकों के गोजमुमो (विमल गुट) से भारी संख्या में गोरखा समर्थकों ने विनय तामांग गुट का झंडा थाम पार्टी में आस्था व्यक्त की.
सभा को संबोधित करते हुए श्री तामांग ने कहा कि चाय बागान के न्यूनतम मजदूरी. जमीन पट्टा सहित मूलभूत सुविधाओं के ऊपर भी बातें रखी. उन्होंने कहा कि क्रिसमस के बाद मोर्चा की ओर से एनआरसी नागरिकता कानून को लेकर आंदोलन किया जायेगा. उन्होंने विमल गुरुंग के ऊपर हमला करते हुए कहा कि जनता के लिए आदमी अगर कार्य करता है तो उसका डटकर सामना करना चाहिए. लेकिन जनता को अकेला छोड़ वह मैदान छोड़कर भाग निकले.
डुआर्स-तराई के इलाकों में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा यहां के सभी समुदायों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी. एनआरसी और नागरिकता कानून सिर्फ मुसलमानों का ही नहीं बल्कि गोरखा, उन्होंने तृणमूल की नेता ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि 11 गोरखा जातियों को अनुसूचित जनजाति और जाति में शामिल करने को लेकर केंद्र सरकार अपना वादा भूल गयी.
लेकिन ममता दीदी समर्थन में हमारे साथ खड़ी रही. तृणमूल सरकार की विकास नीतियों के साथ हमारी संगठन एनआरसी और नागरिकता कानून के विरोध में मजबूती से कदम से कदम मिलाकर चलेगी. सभा के दौरान मोर्चा नेता सतीश पोखरेल, छीरिंग दहाल, प्रवीण रहम पाल, जेबी तामांग. नॉर्दन लामा, डुआर्स प्रभारी ऋ षिका क्षेत्री, रोहित थापा, अशोक लामा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.
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