मयनागुड़ी : दुर्गा पूजा करीब है और पर्यटन के लिये दूर दराज से आनेवालों की गहमागमी शुरु हो जाती है. हालांकि इस बार मयनागुड़ी प्रखंड के एकमात्र पर्यटन स्थल रामसाई में पर्यटकों की संख्या कम है. इसको लेकर पर्यटन व्यवसायियों में चिंता व्याप्त है. इन लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली के चलते इस बार कम लोग आ रहे हैं.
जबकि पहले इस सीजन में पर्यटनों की गहमागहमी शुरु हो जाती थी. आरोप है कि प्रशासन इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखा रहा है. उल्लेखनीय है कि मयनागुड़ी से रामसाई जाने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़क मरम्मत की बाट जोह रही है. हालांकि सड़क के चौड़ीकरण के लिये इलाके के 500 से अधिक पुराने पेड़ काटे जा चुके हैं लेकिन अभी तक काम शुरु नहीं हो सका है.
उधर, रामसाई बाजार से जादवपुर चाय बागान होते हुए कालीपुर ईको-विलेज तक जाने वाली सड़क भी बेहाल दशा में है. सड़क का पीच उखड़ गया है. बड़े बड़े गड्ढे बन गये हैं. रामसाई बाजार के टिकट काउंटर के सामने बने ये गड्ढे छोटी छोटी ताल-तलैया का आकार ले चुके हैं. वहीं, रामसाई ग्राम पंचायत के प्रधान रत्नेश्वर राय ने बताया कि इलाके की कई कच्ची सड़कों का पक्कीकरण किया जायेगा. इससे आवागमन में सुविधा होगी.
उल्लेखनीय है कि गोरुमारा अभयारण्य से सटे रामसाई की मेदला नजर मीनार में वन्य प्राणियों को देखने के लिये पूरे साल काफी संख्या में पर्यटक आते हैं. रामसाई में विभिन्न सरकारी रिसॉर्टों के अलावा कालीपुर ईको-विलेज, राइनो कैम्प और गैरसरकारी रिसॉर्ट हैं. मयनागुड़ी के एक पर्यटन व्यवसायी उज्ज्वल शील ने बताया कि मयनागुड़ी ब्लॉक के एकमात्र पर्यटन स्थल रामसाई में यातायात की सुविधा पर ध्यान देना जरूरी है. इसी वजह से इस बार पर्यटक यहां कम आ रहे हैं.
मयनागुड़ी से विधायक अनंतदेव अधिकारी ने बताया कि रामसाई आजकल पूरे देश में पर्यटन स्थल के रुप में अपनी पहचान बना चुका है. यहां यातायात की सुविधा पहले से बेहतर हो रही है. इससे यहां आने वाले लोगों की तादाद बढ़ेगी. क्षेत्र के विकास को लेकर उन्होंने शीर्ष अधिकारियों से बात की है. इसके लिये ठोस पहल की जा रही है.
