बारिश का कहर जारी, जलपाईगुड़ी शहर हुआ जलमग्न, एक की मौत

By Prabhat Khabar Digital Desk
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जलपाईगुड़ी : उत्तर बंगाल के निचले इलाकों में बारिश का कहर जारी है. शनिवार शाम से देर रात तक हुई भारी बारिश के चलते जलपाईगुड़ी शहर के सभी 25 वार्ड जलमग्न हो गये हैं. इसी दौरान घर लौट रहे एक सैलून व्यवसायी विमल शील (42) की हाइड्रेन में गिरकर डूब जाने से मौत हो गयी.

रविवार की सुबह शहर के 10 नंबर वार्ड से उनका शव मिला. मृतक की पहचान सानूपाड़ा निवासी विमल शील के रूप में हुई है. उधर, तीस्ता नदी से लगे मयनागुड़ी के बार्नेश में एक युवक का शव बहते हुए मिला. खबर लिखे जाने तक शव की पहचान की कोशिश चल रही थी.
जानकारी के अनुसार, सैलून व्यवसायी विमल शील अपने सैलून से रात लगभग 11 बजे साइकिल पर सवार होकर घर लौट रहे थे. हर तरफ पानी होने के कारण वह अंधेरे में हाइड्रेन में गिर पड़े और बह गये. स्थानीय व्यवसायी रतन शील ने बताया कि विमल शील सैलून चलाने के अलावा घूम-घूमकर लॉटरी के टिकट भी बेचते थे.
वह शहर के 10 नंबर वार्ड अंतर्गत काइया लाइन के हाइड्रेन में गिरे थे.सिंचाई विभाग के सूत्र के अनुसार, जलपाईगुड़ी शहर के उपनगरीय क्षेत्र दोमहनी में तीस्ता पर नवनिर्मित 2400 मीटर लंबे तटबंध में कम से कम 300 जगहों पर बारिश से कटाव देखा गया है. इस वजह से बर्मनपाड़ा, चात्रार पाड़ के कई हजार निवासियों में भय व्याप्त है.
पांच नंबर स्पर में कटाव चल रहा है. सिंचाई विभाग मरम्मत का काम कर रहा है. उधर, माल ब्लॉक अंतर्गत चापाडांगा के हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने की बात कर रहा है. सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर है.
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जलपाईगुड़ी शहर में 204 मिमी वर्षा रिकार्ड की गयी है. तीस्ता बैरेज से रविवार की सुबह 2778.50 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जलपाईगुड़ी शहर का कदमतला इलाका पूरी तरह जलमग्न है.
अधिकतर लोगों के घरों में बरसाती पानी घुस गया है. शहर के 4, 5, 11, 16 और 25 नंबर वार्ड के बहुत से घरों में पानी घुस गया. नगरपालिका अध्यक्ष संदीप महतो ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पेयजल की व्यवस्था की है. लगातार बारिश से पेयजल संकट हो रहा है.
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के उप हिमालयी जिलों - दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने जिले में सोमवार तक ‘भारी से बेहद भारी बारिश' होने की चेतावनी दी है.
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि अन्य इलाकों में मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर में भी भारी बारिश होने का अनुमान है. अधिकारी ने बताया कि नदियों के ऊफान पर होने की वजह से कई स्थानों पर बांधों को नुकसान पहुंचा है जिससे इलाकों में बाढ़ आ गयी है और हजारों लोग विस्थापित हो गये हैं.
उन्होंने बताया कि बारिश के कारण तीस्ता, संकोश, रैदक, कलजानी, कोरोला, शील, टोरसा और घीश नदियों में जलस्तर खतरे के स्तर तक पहुंच गया है. अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 पर भूस्खलन के कारण पिछले दो दिनों से बाधित यातायात की आवाजाही मलबा साफ किये जाने के बाद से दोबारा शुरू हो गयी.
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