बिन्नागुड़ी में फिर ट्रेन से कटा हाथी शावक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jul 2019 2:20 AM
विज्ञापन
बिन्नागुड़ी : जलपाईगुड़ी जिले के बानरहाट थाना अंतर्गत बिन्नागुड़ी रेलवे स्टेशन एवं मोराघाट रेलगेट के बीच, बानरहाट हिंदी कॉलेज के सामने धुबड़ी से सिलीगुड़ी की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस से एक हाथी शावक कट गया. घटना रविवार रात 8.00 से 8.30 बजे के बीच हुई. हाथी की मौत के बाद काफी देर तक ट्रेन […]
विज्ञापन
बिन्नागुड़ी : जलपाईगुड़ी जिले के बानरहाट थाना अंतर्गत बिन्नागुड़ी रेलवे स्टेशन एवं मोराघाट रेलगेट के बीच, बानरहाट हिंदी कॉलेज के सामने धुबड़ी से सिलीगुड़ी की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस से एक हाथी शावक कट गया. घटना रविवार रात 8.00 से 8.30 बजे के बीच हुई.
हाथी की मौत के बाद काफी देर तक ट्रेन वहीं रुकी रही, जिससे यात्री परेशान रहे. इस घटना से वन्यजीव-प्रेमियों में शोक की लहर है. उल्लेखनीय कि मोराघाट रेल गेट के पास ही लगभग 10 वर्ष पहले सात हाथियों की मौत ट्रेन की टक्कर से हुई थी. बीते साल भी चार हाथियों की जान इसी जगह गयी थी.
स्थानीय मोराघाट निवासी रमेश सिंह ने बताया कि रात में चार-पांच हाथियों का एक छोटा झुंड रेल लाइन पार कर रहा था, तभी धुबड़ी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस बानरहाट की ओर जा रही थी. बाकी हाथी पार हो गये, पर शावक पार नहीं हो पाया और ट्रेन की टक्कर से उसकी मृत्यु हो गयी.
यह काफी सुनसान इलाका है शाम होते ही गाड़ियों एवं लोगों की आवाजाही काफी कम हो जाती है.बता दें कि जब सात हाथियों की मौत हुई थी तब तत्कालीन यूपीए सरकर के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने भी मोराघाट रेल गेट का दौरा किया था. लंबी-चौड़ी बातें हुई थीं, लेकिन हाथियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठता नहीं दिखा.
इस संबंध में ऑनरेरी वाइल्डलाइफ वार्डन सीमा चौधरी ने कहा कि रेलवे को बार-बार आगाह किया जाता है, लेकिन उसका कोई असर देखने को नहीं मिलता. गति संबंधी नियमों की अनदेखी से इस तरह के हादसे होते हैं.
रात में धुबड़ी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आया
बिन्नागुड़ी : जलपाईगुड़ी जिले के बानरहाट थाना अंतर्गत बिन्नागुड़ी रेलवे स्टेशन एवं मोराघाट रेलगेट के बीच, बानरहाट हिंदी कॉलेज के सामने धुबड़ी से सिलीगुड़ी की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस से एक हाथी शावक कट गया. घटना रविवार रात 8.00 से 8.30 बजे के बीच हुई.
हाथी की मौत के बाद काफी देर तक ट्रेन वहीं रुकी रही, जिससे यात्री परेशान रहे. इस घटना से वन्यजीव-प्रेमियों में शोक की लहर है. उल्लेखनीय कि मोराघाट रेल गेट के पास ही लगभग 10 वर्ष पहले सात हाथियों की मौत ट्रेन की टक्कर से हुई थी. बीते साल भी चार हाथियों की जान इसी जगह गयी थी.
स्थानीय मोराघाट निवासी रमेश सिंह ने बताया कि रात में चार-पांच हाथियों का एक छोटा झुंड रेल लाइन पार कर रहा था, तभी धुबड़ी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस बानरहाट की ओर जा रही थी. बाकी हाथी पार हो गये, पर शावक पार नहीं हो पाया और ट्रेन की टक्कर से उसकी मृत्यु हो गयी.
यह काफी सुनसान इलाका है शाम होते ही गाड़ियों एवं लोगों की आवाजाही काफी कम हो जाती है.बता दें कि जब सात हाथियों की मौत हुई थी तब तत्कालीन यूपीए सरकर के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने भी मोराघाट रेल गेट का दौरा किया था. लंबी-चौड़ी बातें हुई थीं, लेकिन हाथियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठता नहीं दिखा.
इस संबंध में ऑनरेरी वाइल्डलाइफ वार्डन सीमा चौधरी ने कहा कि रेलवे को बार-बार आगाह किया जाता है, लेकिन उसका कोई असर देखने को नहीं मिलता. गति संबंधी नियमों की अनदेखी से इस तरह के हादसे होते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










