एसएमसी संग सरकार कर रही सौतेला व्यवहार : मेयर

Updated at : 20 Feb 2019 1:44 AM (IST)
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एसएमसी संग सरकार कर रही सौतेला व्यवहार : मेयर

सिलीगुड़ी : राज्य सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम (एसएमसी) को कथित तौर पर उसका बकाया पैसा नहीं दे रही. इस वजह से नगर निगम विकास का काम नहीं कर पा रहा. मेयर का आरोप है कि हाउसिंग फॉर ऑल के लिए मिलनेवाले पैसे को भी राज्य सरकार ने रोक कर रखा है. इसके अलावा रूपश्री योजना […]

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सिलीगुड़ी : राज्य सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम (एसएमसी) को कथित तौर पर उसका बकाया पैसा नहीं दे रही. इस वजह से नगर निगम विकास का काम नहीं कर पा रहा. मेयर का आरोप है कि हाउसिंग फॉर ऑल के लिए मिलनेवाले पैसे को भी राज्य सरकार ने रोक कर रखा है. इसके अलावा रूपश्री योजना के लिए सिलीगुड़ी शहर के दार्जिलिंग तथा जलपाईगुड़ी जिले के हिस्से को मिलाकर 674 विवाहयोग्य कन्याओं का आवेदन जमा करवाया गया था.

लेकिन इस योजना का लाभ कुछ को ही मिल पाया है. अभी भी बहुत सी लड़कियां इस योजना से वंचित हैं. उन्होंने बताया कि राज्य के पास पैसा होने के बावजूद भी सिलीगुड़ी में माकपा का नगर निगम बोर्ड होने के चलते यहां के लोगों को वंचित किया जाता है. ऐसे ही अन्य कई समस्याओं पर मेयर 1 मार्च को माकपा के 22 वार्ड पार्षदों के साथ कोलकाता के मेट्रो चैनल में धरना-प्रदर्शन करेंगे.

मंगलवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के कॉन्फ्रेन्स हॉल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से मेयर अशोक भट्टाचार्य ने बताया कि 2018 के फरवरी महीने में राज्य सरकार ने सिलीगुड़ी नगर निगम को एडवांस प्लानिंग एक्सपेंडिचर (आउट ऑफ बजट एलोकेशन) को लेकर चिट्टी लिखी था. इसका जवाब देते हुए नगर निगम ने 12 फरवरी 2018 को 58 योजनाओं के लिए 253 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था.
लेकिन इसमें से नगर निगम को ग्रीन सिटी मिशन के लिए 10 करोड़ रुपये तथा हाउसिंग फॉर ऑल के पहले चरण का 6 करोड़ 90 लाख रुपये ही मिल पाया है. बाकी प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. नगर निगम लाभार्थियों को हाउसिंग फॉर ऑल की दूसरी किस्त का पैसा नहीं दे पा रहा है.
उन्होंने बताया कि एसजेडीए तथा एनबीडीडी के पास भी नगर निगम का 7 करोड़ रुपये बकाया है. अशोक भट्टाचार्य ने बताया कि पिछले दिनों में दार्जिलिंग जिले से 322 तथा जलपाईगुड़ी जिला से 352 युवतियों ने रूपश्री योजनाओं के लिए आवेदन किया था. सभी आवेदनों को संबंधित विभाग के पास भेज दिया गया. मेयर का आरोप है कि दार्जिलिंग जिला से से 174 तथा जलपाईगुड़ी जिला से 139 युवतियों को ही इसका लाभ मिल पाया. उन्होंने बताया अगर बीपीएल कार्डधारक घर के मुखिया की मौत 60 साल या फिर उससे कम उम्र में हो जाती है तो नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीम के तहत पीड़ित परिवार को 40 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है.
लेकिन इससे भी सिलीगुड़ी नगर निगम वंचित है. मेयर ने बताया कि राज्य सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. ऐसे ही अन्य कई समस्याओं को लेकर उनलोगों ने 1 मार्च को कोलकाता के मेट्रो चैनल में धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
इसके लिए एसएमसी के भाजपा तथा कांग्रेस के भी पार्षदों को पत्र लिखा गया है. उस धरना-प्रदर्शन में कोलकाता नगर निगम के विरोधी दल के नेता तथा बुद्धिजीवी वर्ग भी हिस्सा ले रहे है. उन्होंने बताया कि इस दौरान उन लोगों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और नगर विकास मंत्री फिरहाद हाकिम से भी मिलने की इच्छा जतायी है.
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