सिलीगुड़ी : जदयू ने सवर्ण आरक्षण बिल पर ममता सरकार को दिखाया तेवर

Updated at : 17 Jan 2019 5:03 AM (IST)
विज्ञापन
सिलीगुड़ी :  जदयू ने सवर्ण आरक्षण बिल पर ममता सरकार को दिखाया तेवर

सिलीगुड़ी : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक दास ने सवर्ण आरक्षण बिल पर ममता सरकार को तेवर दिखाते हुए कहा है कि अगर ममता सरकार बिल लागू नहीं करेगी तो जदयू सुप्रीमो सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगुवाई में जदयू राज्य भर में आंदोलन करेगी. श्री दास […]

विज्ञापन
सिलीगुड़ी : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक दास ने सवर्ण आरक्षण बिल पर ममता सरकार को तेवर दिखाते हुए कहा है कि अगर ममता सरकार बिल लागू नहीं करेगी तो जदयू सुप्रीमो सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगुवाई में जदयू राज्य भर में आंदोलन करेगी.
श्री दास बुधवार को सिलीगुड़ी से सटे ओल्ड माटीगाड़ा रोड स्थित जिला पार्टी मुख्यालय में दार्जिलिंग जिला कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान वह ममता सरकार के विरूद्ध खूब गरजे. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की पहल शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में सवर्ण आरक्षण बिल पास हो गया. सभी राज्य इसे लागू करने भी लगे हैं.
लेकिन ममता सरकार इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के राय का इंतजार कर रही है. श्री दास का कहना है कि जदयू के रहते राज्य सरकार का ऐसा फरमान कभी नहीं चलने देंगे. बिल लागू होने से किसी एक जाति-समुदाय को लाभ नहीं होगा. बल्कि आर्थिक रुप से पिछड़े सभी समुदाय को इसका लाभ मिलेगा.
दार्जिलिंग जिला के अध्यक्ष भूषण कुमार सोनी की अध्यक्षता में सवर्ण आरक्षण बिल समेत कई ज्वलंत मुद्दे पर ममता सरकार को जोरदार तरीके से घेरने के लिए कार्यसमिति की बैठक में भावी आंदोलन की रणनीति भी बनायी गयी. श्री सोनी को कहना है कि बंगाल में बिल लागू करने के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य संबंधित विभागों को ज्ञापन देने, पूरे राज्य में विभिन्न तरीकों से विरोध प्रदर्शन करने जैसे आंदोलन पर सहमति बनी है.
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल को विशेष दर्जा की मांग भी आंदोलन का एक मुख्य अंश होगा. श्री सोनी का कहना है कि ममता जानबूझ कर उत्तर बंगाल को विशेष दर्जा नहीं देना चाहती. अगर सरकार विशेष दर्जा देती है तो ममता का फूट डालो शासन करो की राजनीति काम नहीं करेगी.
यही वजह है कि ममता जातिगत तौर पर विकास बोर्ड गठन कर उत्तर ब‍ंगाल को आर्थिक और राजनैतिक स्तर पर कमजोर कर रही है. सरकार की श्रम विरोधी नीतियों से आज उत्तर बंगाल का चाय उद्योग प्रभावित भी हो रहा है. चाय श्रमिकों का दूर्दशा हो गयी है. चाय बागानों के श्रमिकों खासतौर पर आदिवासी समुदाय का काफी बुरा हाल है.
सरकार को इसकी कोई फिक्र नहीं है. राज्य के आलू व अनारस किसानों का भी यहीं हाल है. उन्हें फसल उत्पादन का उचित लाभ नहीं मिलता. अगर सरकार डिस्ट्रिब्यूटर मैनेजमेंट ग्रुप गठित कर देती है तो इसका सीधा लाभ किसानों को होगा.
ग्रुप गठित होने से किसानों को दोगुना-तिगुना मुनाफा होगा. श्री सोनी ने भी कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर ममता सरकार के विरूद्ध जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. आज की बैठक में जिला सचिव सपन दास, टाउन अध्यक्ष राम प्रसाद चक्रवर्ती, मुकेश सहनी, मनोज राय, चंदन सरकार, कुंदन कुमार सोनी समेत अन्य कई नेता व कार्यकर्ता भी उपस्थित थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola