पंडाल में दिखेगी दुर्गुण का विसर्जन की कला
Updated at : 03 Oct 2018 1:37 AM (IST)
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कोलकाता : चेतला के अग्रणी पंडाल में इस वर्ष जन्म से मृत्यु तक की प्रक्रिया पंडाल के दीवारों पर बनी कलाकारी मेें देखने को मिलेगी. पंडाल में दाखिल होते ही भ्रूण में बच्चे के पलने की प्रक्रिया, विशाल महल के रूप में पंडाल दिखेगा, जिसमें यह दर्शाया गया है कि पूरे जीवन भर मनुष्य रुपयों […]
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कोलकाता : चेतला के अग्रणी पंडाल में इस वर्ष जन्म से मृत्यु तक की प्रक्रिया पंडाल के दीवारों पर बनी कलाकारी मेें देखने को मिलेगी. पंडाल में दाखिल होते ही भ्रूण में बच्चे के पलने की प्रक्रिया, विशाल महल के रूप में पंडाल दिखेगा, जिसमें यह दर्शाया गया है कि पूरे जीवन भर मनुष्य रुपयों को इकट्ठा करता है. बड़े घर की ख्वाहिश करता है, पर अंत में सभी को विसर्जित ही हो जाना होता है.
यह दुर्गा मां की प्रतिमा के समक्ष तालाब की तरह संरचना बना कर दर्शाया गया है. जहां पर कांच के फ्रेम में दुर्गा यंत्र होगा. यह विषय आज के मानव सच को नजरंदाज कर हमेशा रुपयों, पद, प्रतिष्ठा की चिंता करने पर बनाया गया है, जिसके फलस्वरूप बहुत से दुर्गुणों को हम अपने अंदर एकत्रित कर लेते हैं, पर अंतत: पछतावा ही होता है. तो क्यों न इस पूजा में उन दुर्गुणों को विसर्जित कर उत्साह को दोगुना करने का संकल्प लें, ऐसी भावना यहां पर दर्शायी गयी है.
पंडाल में आग से बचाव की व्यवस्था, टॉयलेट, मेडिकल व एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी. पंडाल के पीछे ही प्रत्येक वर्ष मेला भी लगता है, जिसका आनंद दर्शक ले सकेंगे. पिछले छह वर्षों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महालया के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा को चक्षु दान करती हैं. इस वर्ष भी वही करेंगी.
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