सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी के बीच फिर बढ़ी तकरार

Updated at : 04 Sep 2018 9:20 AM (IST)
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सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी के बीच फिर बढ़ी तकरार

मेट्रोपोलिटन अदालत बनाने की मांग ने पकड़ा जोर पैसे के साथ समय की भी होती है काफी बर्बादी 15 तरीख को आयोजित होगा नागरिक सम्मेलन जलपाईगुड़ी के प्रभावशाली वकीलों पर अदालत गठन को प्रभावित करने का आरोप सिलीगुड़ी : मेट्रोपोलिटन अदालत बनाने को लेकर सिलीगुड़ी तथा जलपाईगुड़ी के बीच एक बार फिर से तकरार शुरू […]

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मेट्रोपोलिटन अदालत बनाने की मांग ने पकड़ा जोर
पैसे के साथ समय की भी होती है काफी बर्बादी
15 तरीख को आयोजित होगा नागरिक सम्मेलन
जलपाईगुड़ी के प्रभावशाली वकीलों पर अदालत गठन को प्रभावित करने का आरोप
सिलीगुड़ी : मेट्रोपोलिटन अदालत बनाने को लेकर सिलीगुड़ी तथा जलपाईगुड़ी के बीच एक बार फिर से तकरार शुरू हो गई है.आरोप है कि जलपाईगुड़ी के कुछ प्रभावी वकीलों के कारण सिलीगुड़ी में मेट्रोपोलिटन अदालत का गठन नहीं हो रहा है. जलपाईगुड़ी में पहले से ही जिला एवं मेट्रोपोलिटन अदालत है.
आने वाले दिनों में कलकत्ता हाईकोर्ट के सर्किट बेंच की स्थापना भी जलपाईगुड़ी में ही हो रही है. जबकि सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का गठन होने के बाद भी सिलीगुड़ी में अब तक मेट्रोपोलिटन अदालत का गठन नहीं हुआ है. जिसके कारण सिलीगुड़ी के लोगों को कानूनी लड़ाई के लिए जलपाईगुड़ी का चक्कर काटना पड़ता है. इसके साथ ही सिलीगुड़ी में मेट्रोपोलिटन अदालत बनाने की मांग ले एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है.
इसका कोई लाभ नहीं हुआ है. सिलीगुड़ी के लिए सरकार कुछ खास नहीं कर रही है. जबकि जलपाईगुड़ी में अब हाईकोर्ट के सर्किट बेंच की भी स्थापना होने वाली है .जल्द ही इसका उद्घाटन होगा. वह चाहते हैं कि जलपाईगुड़ी में यदि सर्किट बेंच का उद्घाटन हो रहा है तो सिलीगुड़ी में भी मेट्रोपोलिटन अदालत का गठन हो.
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को सिलीगुड़ी में एक नागरिक कन्वेंशन का आयोजन किया जाएगा. इस कन्वेंशन में समाज के हर स्तर के लोगों को शामिल किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कार्यक्षेत्र में भी विस्तार हुआ है. फांसीदेवा, खोरीबाड़ी, नक्सलबाड़ी थाना को दार्जिलिंग जिला पुलिस से अलग कर सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के अधीन कर दिया गया. जिससे सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का दायरा और अधिक बढ़ गया है. ऐसे में सरकार को तत्काल सिलीगुड़ी में मेट्रोपोलिटन कोर्ट की स्थापना करनी चाहिए.
मामले को लेकर वृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है. मंच की ओर से सिलीगुड़ी के लोगों को लेकर 15 सितंबर को एक नागरिक कन्वेंशन का भी आयोजन किया जाएगा.संगठन के सचिव रतन बनिक ने बताया है कि वर्ष 2012 में पुलिस कमिश्नर का गठन कर दिया गया. लेकिन मेट्रोपोलिटन अदालत का गठन नहीं हुआ है. जिसकी वजह से मेट्रोपोलिटन पुलिस के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की सुनवाई सिलीगुड़ी के एसरजेएम कोर्ट तथा जलपाईगुड़ी जिला कोर्ट में हो रही है.
यह कानूनी रूप से भी सही नहीं है.श्री बनिक सोमवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे.उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राज्य सरकार से कई बार बातचीत की गई. लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ. उन्होंने जलपाईगुड़ी के कुछ प्रभावी वकीलों को इसके लिए कटघरे में खड़ा किया.
श्री बनिक ने कहा कि जलपाईगुड़ी के कई प्रभावशाली वकील हैं, जिनकी पहुंच राजनीतिक दलों के नेताओं तक है. संभवत इसी वजह से सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का गठन हो गया लेकिन अदालत का गठन नहीं किया गया है. जिसकी वजह से तमाम मामलों की सुनवाई जलपाईगुड़ी में होती है. यह आम लोगों के लिए भी काफी कठिन है.
जलपाईगुड़ी में जाकर कानूनी लड़ाई लड़ना काफी खर्चीला है. साथ ही समय की भी बर्बादी होती है. दोनों ही पक्षों को इससे नुकसान हो रहा है. जबकि सरकार इस दिशा में उदासीन है. सरकार से सिलीगुड़ी में मेट्रोपोलिटन अदालत बनाने की मांग कई बार की गई है.
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