सूचना क्रांति मीडिया के अस्तित्व के लिए चुनौती : डाॅ जगदीश उपासने

कोलकाता : डिजिटल मीडिया ने परंपरागत मीडिया के पूरे परिदृश्य को बदल दिया है. अब लॉयल रीडरशिप या कैप्टिव रीडरशिप का समय नहीं रहा. सोशल मीडिया ने दर्शकों को विकल्प दिया है. दुनिया के सभी बड़े अखबार ऑनलाइन प्लेटफार्म को तवज्जो दे रहे हैं. सूचना क्रांति ने सारी चीजों में उफान ला दिया है. यहां […]
कोलकाता : डिजिटल मीडिया ने परंपरागत मीडिया के पूरे परिदृश्य को बदल दिया है. अब लॉयल रीडरशिप या कैप्टिव रीडरशिप का समय नहीं रहा. सोशल मीडिया ने दर्शकों को विकल्प दिया है. दुनिया के सभी बड़े अखबार ऑनलाइन प्लेटफार्म को तवज्जो दे रहे हैं. सूचना क्रांति ने सारी चीजों में उफान ला दिया है. यहां तक कि इलेक्ट्राॅनिक मीडिया ने भी पोर्टलों को आरंभ कर दिया है.
ये बातें कोलकाता प्रेस क्लब की ओर से आयाेजित पत्रकारिता में लेखन कौशल की तीन दिवसीय कार्यशाला के दीक्षांत समाराेह में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व जनसंचार संस्थान के कुलपति प्रो जगदीश उपासने ने कही. मीडिया के सामने एक बड़ी चुनौती है. यह पत्रकारों के सामने ही नहीं बल्कि मीडिया घरानों के लिए भी अस्तित्व को बचाने का सवाल बन कर खड़ा है.
आज युवाओं को जोड़ने की जरुरत सभी मीडिया हाउस समझ रहे हैं. युवाअों की दिलचस्पी म्यूजिक व खेल के चैनलों के साथ है और समाचार सबसे अंतिम पायदान पर खड़ा है. उन्होंने कहा कि टेक्नोलाॅजी में बदलाव किया जा सकता है पर पत्रकारिता के बुनियादी उसूल कभी नहीं बदल सकते. पत्रकारिता के लिए पैशनेट, इंटरेस्टेड, स्किल्ड व कनेक्टेड होना जरुरी है. तभी वह सफल पत्रकार हो सकता है.
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