सिलीगुड़ी. एकबार फिर ससुरालवालों पर दहेज के लिए गृहवधू पर अत्याचार करने का मामला सामने आया है. केवल अत्याचार ही नहीं बल्कि पीड़िता ने खुद अपने ससुरालवालों पर उसे और उसके दुधमुंहे बच्चे को जान से मारने की कोशिश करने का भी संगीन आरोप लगाया है. मजबूर होकर उसने सिलीगुड़ी महिला थाना में पति, सास-ससुर समेत कुल सात सदस्यों के विरुद्ध दो महीने पहले ही शिकायत दर्ज करायी लेकिन अभी तक पुलिस प्रशासन से उसे कोई मदद नहीं मिल रही. वह इंसाफ के लिए दो महीने से दर-दर भटक रही है और गुहार लगा रही है.
गुरुवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पीड़िता शुक्ला घोष ने मीडिया को बताया कि शहर के चंपासारी के नया बस्ती इलाके में उसका मायका है. फिलहाल वह अपने मायके में ही रह रही है. उसने बताया कि तीन साल पहले 2015 के 25 मई को बागडोगरा अशोक नगर के संजीव घोष के साथ सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार विवाह हुआ था.
शुक्ला का आरोप है कि विवाह के कुछ रोज बाद से ही उसका पति, सास उज्जवला घोष, ससुर दुलाल घोष व ससुराल के अन्य सदस्य उसपर मायके से दहेज लाने के लिए दबाव देने लगे. इसका विरोध करने पर उल्टा उसके साथ शारीरिक व मानसिक तौर पर अत्याचार किया जाने लगा. कई बार उसे जान से मारने का प्रयास भी किया गया. उसका कहना है कि बीते साल जब वह पांच महीने के पेट से थी तो उसके पति और ससुराल वालों ने उसे धक्का देकर घर से निकाल दिया. वह मायके आकर रहने लगी
इस वर्ष 10 मई को एक पुत्र को जन्म दिया. वह बेटे को लेकर दोबारा अपने ससुराल पहुंची. आरोप है कि उसके पति तथा ससुराल वालो ने इस बार उसके साथ जानवरों से भी बुरा व्यवहार किया. इतना ही नहीं उसे और उसके दुध मुंहे बच्चें को भी जान से मारने की कोशिश करने से बाज नहीं आये. पीड़िता ने बताया कि उसके पति की एक दवा दुकान है. पति संजीव ने गलत दवा देकर जान से मारने की कोशिश की.
साथ ही बेटे को को भी मारने का प्रयास किया. उसने बताया कि अब उसके ससुरालवाले पति की दूसरी शादी कराने के प्रयास में हैं. इन सभी घटनाओं के बाद दो महीने पहले 25 मई को सिलीगुड़ी महिला थाने में पति, सास-ससुर समेत कुल सात सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.
आरोप है कि इतना सब हो जाने भी पुलिस अभी तक न तो पूरे मामले की तफ्तीश शुरु की है और न ही किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर रही है. उन्होंने पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है. इस बाबत महिला थाना सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पर बेवजह मिथ्या आरोप लगाया जा रहा है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है.
