राजस्थान की मिट्टी-हवा में घुली है वीरगाथा : अजीत कुमार

Published at :31 Mar 2018 9:16 AM (IST)
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राजस्थान की मिट्टी-हवा में घुली है वीरगाथा : अजीत कुमार

छह प्रवासी मारवाड़ी प्रभात खबर राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित सिलीगुड़ी : राजस्थान दिवस के मौके पर प्रभात खबर ने अपने सभी दफ्तरों में शुक्रवार को राजस्थान दिवस मनाया. इस मौके पर पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा से खास मुकाम हासिल करनेवाले और समाज में सभी वर्गों के बीच सेवा का अलख […]

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छह प्रवासी मारवाड़ी प्रभात खबर राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित
सिलीगुड़ी : राजस्थान दिवस के मौके पर प्रभात खबर ने अपने सभी दफ्तरों में शुक्रवार को राजस्थान दिवस मनाया. इस मौके पर पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा से खास मुकाम हासिल करनेवाले और समाज में सभी वर्गों के बीच सेवा का अलख जगानेवाले सिलीगुड़ी के 6 प्रवासी राजस्थानी विभूतियों को ‘प्रभात खबर राजस्थान गौरव सम्मान-18’ से विभूषित किया गया. इस दौरान प्रभात खबर के सिलीगुड़ी दफ्तर में खास तौर पर सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस अवसर पर बीएसएफ, राधाबाड़ी के डीआइजी अजीत कुमार पी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. उन्होंने राजस्थान दिवस आयोजित करने और इस मौके पर मारवाड़ी विभूतियों को विभूषित करने के प्रभात खबर के अनोखे प्रयास की काफी प्रशंसा की.
साथ ही समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभात खबर के इस कार्यक्रम ने उन्हें राजस्थान की याद दिला दी. मूलरुप से केरल के रहने वाले अजीत कुमार पी. पांच वर्षों तक बीएसएफ अधिकारी के तौर पर राजस्थान में बीता चुके हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान पूरे देश की शान है.
राजस्थान रजवाड़ो वाला ऐसा एक राज्य है जिसकी वीरगाथा वहां की मिट्टी व आवोहवा में ही घुली-मिली हुई है. मारवाड़ी समुदाय एक ऐसा समुदाय है जो देश-दुनिया में जहां भी गये वह वहां की ही धर्म-संस्कृति में रच बस गये. साथ ही अपनी भी धार्मिक-लोक संस्कृति व वेश-भूषा को बरकरार भी रखा. उन्होंने कहा कि देश के नवनिर्माण व विकास में मारवाड़ी समुदाय का भी बड़ा योगदान है.
अजीत कुमार पी. ने बताया कि वह राजस्थान के जैसलमेर में तीन साल और गंगानगर में दो साल तक रह चुके हैं. इस दौरान वह राजस्थानियों के मृदुल भाषा, सदाचारिता व हमेशा सहयोग भावना के काफी कायल हुए.
सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने मारवाड़ी समुदाय के कई विभूतियों वरिष्ठ समाजसेवी व उद्योगपति (श्रीदुर्गा आटा मिल्स के निदेशक) भगवती प्रसाद डालमिया, शिक्षा के क्षेत्र में विशेष मुकाम हासिल करनेवाले युवा शिक्षाविद् (ब्राइट अकादमी के निदेशक) संदीप घोषल, युवा उद्योगपति (बिल्डर स्टील सेंटर के निदेशक) भगवती अग्रवाल, नामी इंटेरियर डिजायनर रवि अग्रवाल, चाय उद्योग में उंची उड़ान भरनेवाले वरिष्ठ उद्योगपति व समाजसेवी डॉ अजीत कुमार अग्रवाल उर्फ हिजू के अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि आकाश भगत, सिलीगुड़ी बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनिल अग्रवाल के गैर-हाजरी में उनके भतीजे तनिश अग्रवाल को स्मृति-चिह्न देकर विभूषित किया. इस दौरान पेड़ीवाल कंस्ट्रक्शन के निदेशक नितेश पेड़ीवाल व कृष्णा लैंप व लाइट के प्रोपराइटर राजेश अग्रवाल किसी कारणवश समारोह में शिरकत नहीं कर सके. इस अवसर पर सभी विभूतियों ने यह सम्मान देने के लिए प्रभात खबर की तारीफ की और अपने आप को मारवाड़ी होने का गर्व महसूस किया.
भगवती प्रसाद डालमिया (वरिष्ठ समाजसेवी व उद्योगपति)
राजस्थान के झुंझुन जिले के पिलानी के रहने वाले व राजस्थान की मिट्टी में ही जन्म लेनेवाले भगवती प्रसाद डालमिया तकरीबन 70 वर्ष पहले अपने पिता स्वर्गीय लाडुराम डालमिया के साथ सिलीगुड़ी आकर बसे.
अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान से ही प्राप्त करनेवाले श्री डालमिया कॉलेज की शिक्षा सिलीगुड़ी में ली. वे कॉलेज लाइफ से ही हिंदी भाषा के लिए लंबी लड़ाई लड़े और आज-तक बंगाल में हिंदी भाषा को खास पहचान दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. वह अपनी युवा उम्र में ही हिंदी में शिक्षा लेने और परीक्षा देने के लिए आंदोलन पर उतर आये.आज उनके नेतृत्व में स्थानीय एसएफ रोड में सिलीगुड़ी हिंदी हाई स्कूल फॉर बॉयज चल रहा है. साथ ही उन्होंने अपनी पुश्तैनी कारोबार को भी हमेशा नयी उड़ान दी.
संदीप घोषल (युवा शिक्षाविद्)
शिशु शिक्षण संस्थान ब्राइट अकादमी (प्री-प्राइमरी स्कूल) के संस्थापक निदेशक संदीप घोषल और उनका पूरा परिवार मूलरुप से राजस्थान के चुड़ू जिला के राजलदेशर का है. उनके पिता नवरतनमल घोषल कोलकाता में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद कारोबार के सिलसिले से सिलीगुड़ी आये और हमेशा के लिए यहीं रच-बस गये. हालांकि संदीप घोषल का जन्म राजलदेशर में ही हुआ और शिक्षा सिलीगुड़ी में पूरी की.
उनका रुझान कभी भी अपने पिता के पुश्तैनी कारोबार की ओर नहीं रहा. वह हमेशा ही शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की ठान रखी थी. कॉलेज लाइफ के दौरान ही वह छात्र-छात्राओं को पढ़ाया करते थे और बाद में इसी को अपना पेशा बना लिया.
धीरे-धीरे उन्होंने स्थानीय पंजाबीपाड़ा में अपना कोचिंग सेंटर शुरु किया जिसे कुछ सालों में उन्होंने ब्राइट अकादमी के नाम से प्री-प्राइमरी स्कूल में तब्दील कर दिया. जो आज भी चालू है. इसके अलावा सिलीगुड़ी में उन्होंने और तीन ब्रांच खोल दिये हैं. अब उनकी अन्य दो ब्रांच कोलकाता में भी चालू है. जल्द ही और एक नयी ब्रांच जलपाईगुड़ी में खोलने जा रहे हैं. उनका कहना है कि बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाने का जो उन्होंने संकल्प लिया है वह अनव्रत जारी रहेगा.
भगवती प्रसाद डालमिया ने राजस्थान की गौरवगाथा का किया बखान
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी भगवती प्रसाद डालमिया ने राजस्थान की गौरवगाथा का बखान किया. उन्होंने राजस्थान के इतिहास व आधुनिक राजस्थान से सबों को रु-ब-रु कराया. साथ ही राजस्थान की लोक संस्कृति व भाषा पर प्रकाश डाला.
श्री डालमिया ने कहा कि मारवाड़ी कोई जाति नहीं है बल्कि एक भाषा है जो बोली जाती है. राजस्थान में रहनेवाला हरेक राजपूत, बनिया, ब्राह्मण, जाट, वैश्य व पिछड़ा वर्ग व हरेक जनजाती ही मारवाड़ी हैं. जो मारवाड़ी भाषा बोलते हैं. उन्होंने बताया कि मारवाड़ी भाषा की अपनी एक अलग ही लिपि है. श्री डालमिया का कहना है कि राजस्थानियों में एक खास गुण है जो अन्य समुदायों से उन्हें अलग करता है. वह गुण है राजस्थानी देश-दुनिया में जहां भी गये चाहे वह कालापानी का इलाका हो या फिर पहाड़, मैदान या समुद्री इलाका, हर जगह वह रचबस गये और वहां की धर्म-संस्कृति को भी सहज स्वीकार कर लिया.
डॉ अजीत कुमार अग्रवाल (वरिष्ठ उद्योगपति) के प्रतिनिधि आकाश भगत
डॉ अजित कुमार अग्रवाल मारवाड़ी समुदाय के बीच ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए नामचीन हस्ती हैं. उन्होंने चाय उद्योग को सिलीगुड़ी से लेकर देश-दुनिया तक पहुंचाया. अपने कारोबार को हमेशा नयी उड़ान देने के साथ ही समाज के बीच सेवा का अलख भी जगात रहे हैं.
आज वह कई सेवा मूलक कार्यों के साथ ही अपने दिवंगत पुत्र स्वर्गीय अमित कुमार फाउंडेशन के तहत गरीब तबके के लोगों की सेवा करते आ रहे हैं. बेटे के नाम से उन्होंने मरीजों व उनके परिजनों के सेवा हेतु उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के सामने एक भवन और स्थानीय देशबंधुपाड़ा में एक धर्मशाला भी स्थापित किया है.वह आज के कार्यक्रम में नहीं आ सके. उनके स्थान पर उनके प्रतिनिधि आकाश भगत ने इस सम्मान को ग्रहण किया.
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