चिकित्सीय लापरवाही में नर्सिंग होम पर 17 लाख का जुर्माना

Published at :31 Mar 2018 9:14 AM (IST)
विज्ञापन
चिकित्सीय लापरवाही में नर्सिंग होम पर 17 लाख का जुर्माना

दक्षिण दिनाजपुर जिला उपभोक्ता अदालत का फैसला एक महीने में पूरी रकम चुकाने का दिया आदेश इलाज में लापरवाही से मरीज की हुई थी मौत गंगारामपुर : एक प्राइवेट नर्सिंग होम की लापरवाही से मरीज की मौत की घटना में नर्सिंग होम पर 17 लाख 28 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ […]

विज्ञापन
दक्षिण दिनाजपुर जिला उपभोक्ता अदालत का फैसला
एक महीने में पूरी रकम चुकाने का दिया आदेश
इलाज में लापरवाही से मरीज की हुई थी मौत
गंगारामपुर : एक प्राइवेट नर्सिंग होम की लापरवाही से मरीज की मौत की घटना में नर्सिंग होम पर 17 लाख 28 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ ही कानूनी लड़ाई पर हुए खर्चे के तौर पर 20 हजार रुपए अतिरिक्त देने का निर्देश दिया.
बुधवार को दक्षिण दिनाजपुर जिला उपभोक्ता अदालत की तीन सदस्यीय न्यायमंडली ने यह फैसला सुनाया. आरोपी को आगामी एक महीने के भीतर जुर्माने की रकम चुकाने का निर्देश दिया गया है. घटना से शिकायतकर्ता मित्रनाथ राय चौधरी ने संतोष व्यक्त किया है.
जानकारी मिली है कि गंगारामपुर थाना के फूलबाड़ी इलाके के मित्रनाथ राय चौधरी की पत्नी हीरा राय चौधरी साल भर पहले काफी बीमार पड़ी थीं.
जांच के बाद उनके गॉल ब्लैडर में पथरी का पता चला. 2017 साल के 23 मार्च को उन्होने अपनी पत्नी को एक स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती करवाया. वहां से गंगारामपुर महकमा अस्पताल में भर्ती करवाया. 30 मार्च को चिकित्सकों ने मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी. लेकिन घर लौटने के बाद पेट में तेज दर्द शुरू हो गया.
फोन पर श्री राय चौधरी ने महकमा अस्पताल के चिकित्सक से संपर्क किया तो उन्होने तुरंत ऑपरेशन की बात कही व मरीज को नर्सिंग होम में भर्ती करवाने को कहा. भर्ती के बाद जांच पड़ताल किया व 3 अप्रैल 2017 को ऑपरेशन किया गया. इसके बाद परिवारवालों को बताया गया कि मरीज बिल्कुल ठीक है. परिवारवाले घर लौट गये. लेकिन उसी रात नर्सिंग होम की ओर से उन्हें फोन आया कि उनकी पत्नी की हालत नाजुक है.
खबर मिलते ही वे लोग तुरंत नर्सिंग होम की ओर दौड़े. वहां पहुंचने पर नर्सिंग होम के चिकित्सकों ने बताया कि उनकी पत्नी की हालत चिंताजनक है, उन्हें तुरंत मालदा मेडिकल या कोलकाता लेकर जायें. श्री राय चौधरी ने पत्नी को मालदा के एक नर्सिंगहोम में भर्ती करवाया. 4 अप्रैल को भर्ती करवाने के बाद 6 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
इसके बाद से चिकित्सक व नर्सिंगहोग के खिलाफ गंगारामपुर थाने में बार-बार शिकायत दर्ज करवाने की कोशिश की गयी. आखिरकार उन्होंने 5 मई 2017 को पुलिस अधीक्षक, जिला शासक व उपभोक्ता अदालत में मामले की शिकायत दर्ज करवायी. इसके आधार पर उपभोक्ता अदालत ने मामले की छानबीन की. छानबीन के बाद बुधवार को उपभोक्ता अदालत के तीन सदस्यीय न्याय मंडली श्यामलेंदु घोषाल, सुभाष चंद्र चक्रवर्ती व स्वप्ना साहा ने अपना फैसला सुनाया.
उन्होंने इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत व मामले में नर्सिंग होम व चिकित्सक के शामिल होने की बात बतायी. उपभोक्ता अदालत ने नर्सिंग होम पर 17 लाख 28 हजार रुपए जुर्माना लगाया. साथ ही कानूनी लड़ाई के खर्चे के तौर पर 20 हजार रुपए अतिरिक्त देने को कहा. यह रकम नर्सिंग होम को एक महीने के भीतर चुकानी होगी. उपभोक्ता अदालत के अध्यक्ष श्यामलेंदु घोषाल ने कहा कि छानबीन में नर्सिंग होम को दोषी पाया गया है. इससे पहले कभी भी फोरम ने ऐसा फैसला नहीं सुनाया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola