लाइसेंस होने के बाद भी पुलिस करती है परेशान

Published at :11 Jan 2018 6:02 AM (IST)
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लाइसेंस होने के बाद भी पुलिस करती है परेशान

सिलीगुड़ी : वैध कागजात रहने के बाद भी मवेशी तस्करी के आरोप में कारोबारियों को परेशान किया जाता है. ना केवल मवेशियों को जब्त कर लिया जाता है,अपितु मवेशी कारोबारियों को तस्कर बताकर परेशान भी किया जाता है. यह आरोप ऑल इंडिया लाइव स्टॉक ट्रेड एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने लगाया है. इनका कहना […]

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सिलीगुड़ी : वैध कागजात रहने के बाद भी मवेशी तस्करी के आरोप में कारोबारियों को परेशान किया जाता है. ना केवल मवेशियों को जब्त कर लिया जाता है,अपितु मवेशी कारोबारियों को तस्कर बताकर परेशान भी किया जाता है. यह आरोप ऑल इंडिया लाइव स्टॉक ट्रेड एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने लगाया है. इनका कहना है कि उनके पास वैध लाइसेंस रहने के बाद भी मवेशियों को दिल्ली,उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों तक ले जाने में कई समस्या होती है.
इन सभी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए उनको पत्र भी भेजा गया है. साथ ही उनसे समस्या के समाधान की मांग की गयी है. बुधावार को सिलीगुड़ी के जर्नलिस्ट क्लब में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए संगठन के महासचिव मुन्ना सैकिया ने बताया कि उन्हें दार्जिलिंग जिले में वर्ष 2017 में लाइव स्टॉक का लाइसेंस मिला है . दार्जिलिंग जिले में वे एक मात्र मवेशी कारोबारी हैं,जिनके पास यह लाइसेंसे है. उसके बाद भी वह काम नहीं कर पा रहे हैं.
जिससे उन्हें हर महीने लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है .उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा की लाइव स्टॉक लाइसेंस रहने के बाद भी उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी, इस्लामपुर,पांजीपाड़ा व अन्य कई स्थानों में कैटल ब्रोकरों व पुलिस द्वारा परेशान किया जाता है. बाहर से जो भी मवेशी लेकर आते हैं उनके पास दस्तावेज रहने के बाद भी पुलिस पकड़ लेती है.
ट्रक चालकों को काफी परेशान किया जाता है. इसके साथ ही कैटल ब्रोकरो की ओर से धमकियां भी दी जाती है. उन्होंने कैटल ब्रोकरों पर ही महेशियों की तस्करी का आरोप लगाया. श्री सैकिया ने कहा कि कैटल ब्रोकर उनसे लाइसेंस हथियाना चाहते हैं,जिससे कि वे मवेशियों को मनमाने तरीके से गाड़ी में लाद कर उनकी तस्करी कर सकें.
उन्होने इस समस्या की जानकारी राज्य की मुख्यमंत्री के साथ ही दार्जिलिंग जिले की डीएम जयशी दासगुप्ता, पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजी व पांच राज्यों के डीएम व एसपी को दी है. अगर इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो वे आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे .
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