कोलकाता: ममता बनर्जी की छवि को विकृत करनेवाले और शांत बंगाल को अशांत करने की साजिश रचनेवालों को प्रतिवाद जुलूस के मार्फत पश्चिम बंगाल की जनता ने योग्य जवाब दिया है. जनता ने साबित कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर बंगाल के विकास की धारा को बरकरार रखने के लिए ममता बनर्जी के साथ हर हाल में रहेंगे. ये बातें प्रतिवाद जुलूस को बेहला में नेतृत्व दे रहे महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहीं.
उन्होंने कहा कि जो लोग शांत पहाड़ को अशांत करने गये थे, उन्हें आज माकूल जवाब मिला है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष पर पुलिस कार्रवाई करने की मांग करते हुए पार्थ चटर्जी ने कहा कि वह न केवल उत्तेजना फैलाने वाला बयान दे रहे हैं, बल्कि यूएपीए मामले में आरोपी विमल गुरुंग और रोशन गिरि जैसे लोगों के साथ संबंध रख रहे हैं.
लिहाजा पुलिस को इनसे पूछताछ कर उन्हें गिरफ्तार करे. उन्होंने दिलीप घोष के पहाड़ पर जाने के कारणों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह और दार्जिलिंग के सांसद, रोशन गिरि और विमल गुरुंग की भाषा बोल रहे हैं. इन लोगों को देश के कानून और संविधान में कोई आस्था नहीं है. इनका मकसद किसी भी तरह से बंगाल के विकास में बाधा पहुंचाते हुए यहां दंगा और अशांति फैलाना है. उन्होंने कहा कि ये लोग बंगाल की संस्कृति को विकृत करने में लगे हैं. बंगाल की जनता अपनी संस्कृत जानती है और यह किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
भाजपा समतल में फिसड्डी साबित होने के बाद पहाड़ में विमल गुरुंग के साथ मिलकर अपने साजिश को अंजाम देना चाहती है. इसे पहाड़ के लोगों ने नकार दिया है, इसलिए ये लोग हताश हो गये हैं.
बंगाल में सांप्रदायिकता के लिए जगह नहीं : फिरहाद
खिदिरपुर में फिरहाद हकीम ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रतिवाद जुलूस में शामिल लोग ममता बनर्जी के नेतृत्व में अपनी आस्था का इजहार कर यह जता दिया है कि बंगाल की धरती पर सांप्रदायिकता के लिए कोई जगह नहीं है. भाजपा यहां अपनी जगह नहीं बना पा रही है, इसलिए वह बेकार की बातें कह रही है. भाजपा के नेताओं को यह पता होना चाहिए कि बंगाल की जनता की मानसिकता अलग है और वह भाजपा को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी.
ममता बनर्जी से जो टकरायेगा, वह चूर-चूर हो जायेगा : मदन
हाजरा में मदन मित्रा ने कहा कि भाजपा के लोग जितना हमला करेंगे, हम उतनी ही शांति से उनका जवाब देंगे. भाजपाइयों को पता होना चाहिए कि ममता बनर्जी से जो टकरायेगा, वह चूर-चूर हो जायेगा. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पहाड़ में जब शांति लौट रही थी, उस वक्त वहां दिलीप घोष ने जाकर अशांति फैलाने की असफल कोशिश की. यह जब उनकी चाल थी, क्योंकि बंगाल में भाजपा का कोई वजूद नहीं है. ऐसे में अगर वह लोग इस तरह की घटना को प्रायोजित नहीं करेंगे, तो उनकी खबर नहीं बनेगी. हालांकि उनकी यह योजना सफल नहीं होगी. एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को सुरक्षा देने में विफल रही पुलिस की नाकामी पर जब सवाल किया गया, तो मदन ने कहा कि एक दंगाबाज को पुलिस सुरक्षा देते चले, यह क्या तार्किक है. पुलिस के पास कोई और काम नहीं है क्या. जल्द ही भाजपाइयों को अपनी हैसियत का पता चल जायेगा. और जल्द ही दार्जिलिंग की स्थिति सामान्य हो जायेगी.