ममता के राजनीतिक जीवन को दर्शायेंगे साइनेज : मेयर
Author Prabhat khabar news desk
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तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस यानी 21 जुलाई की सभा से पहले हाजरा और धर्मतला में कोलकाता नगर निगम द्वारा साइनेज लगाये गये हैं, जिन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक जीवन के संघर्षों को दर्शाया गया है.
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विपक्ष की आलोचना पर फिरहाद ने दी सफाई
संवाददाता, कोलकातातृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस यानी 21 जुलाई की सभा से पहले हाजरा और धर्मतला में कोलकाता नगर निगम द्वारा साइनेज लगाये गये हैं, जिन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक जीवन के संघर्षों को दर्शाया गया है. विपक्ष निगम के कार्यों की आलोचना कर रहा है. कहा जा रहा है कि निगम कैसे किसी राजनीतिक पार्टी के लिए फलक या साइनेज लगा सकता है? इस संबंध में मेयर फिरहाद हकीम ने बताया कि 21 जुलाई के दिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने गोली चलायी थी, जिसमें 13 कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी. उनकी याद में तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाती है. उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह मुख्यमंत्री बनने से पहले ममता बनर्जी का राजनीतिक जीवन काफी संघर्षमय रहा है. ममता बनर्जी धर्मतला और हाजरा में भी आंदोलन कर चुकी हैं. हाजरा में उनके सिर पर वार किया गया था. धर्मतला में वह 26 दिन अनशन पर थीं. इन्हें कैसे भुलाया जा सकता है. इन यादों को ताजा रखने के लिए निगम द्वारा हाजरा व धर्मतला में साइनेज लगाये गये हैं. उन्होंने कहा कि ये कोई राजनीतिक बैनर नहीं हैं. इस दौरान मेयर ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. श्री हकीम ने कहा कि गांधीजी एक नेता होने के साथ-साथ महान व्यक्ति भी थे, इसलिए नोटों पर उनकी तस्वीर है. पर नरेंद्र मोदी एक नेता के अलावा कुछ नहीं हैं. फिर भी उनकी तस्वीरें पेट्रोल पंपों पर क्यों दिखती हैं.अभिषेक के बैनर-पोस्टर नहीं होने पर भाजपा ने ली चुटकी
कोलकाता. इस बार तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस की सभा में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के पोस्टर-बैनर नहीं नजर आने पर भाजपा ने चुटकी ली है. भाजपा के सांसद व प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य का कहना है कि अभिषेक बनर्जी स्मार्ट दिखते हैं. पोशाक भी सलीके से पहनते हैं. उनकी पर्सनाल्टी भी अच्छी है. बातचीत भी सलीके से करते हैं. उन्हें देखकर लगता है कि वह युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. शायद ईर्ष्यावश उनकी तस्वीरों को दरकिनार किया गया. हालांकि इसके बाद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह उनका पारिवारिक मामला है. इस पर वह काई टिप्पणी नहीं करेंगे. उधर, शमिक के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के नेता व प्रदेश भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि शहीद दिवस की सभा की एक थीम है, जो कभी नहीं बदलती.विज्ञापन
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