35.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

WB News : एनएचआरसी रिपोर्ट में दावा, संदेशखाली में हुआ मानवाधिकारों का उल्लंघन

WB News : आयोग ने मौके पर पहुंचकर की गयी जांच की रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजी है. एनएचआरसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘कथित आरोपी व्यक्तियों के अत्याचारों के कारण बने माहौल ने पीड़ितों को चुप करा दिया'' और डराने-धमकाने तथा आतंक ने उन्हें ''न्याय मांगने के प्रति अनिच्छुक'' बना दिया.


WB News : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल में संदेशखाली ( Sandeshkhali) मामले की मौके पर पहुंचकर की गयी जांच में ‘अत्याचार की कई घटनाओं’ को चिह्नित किया और कहा कि यह इंगित करता है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम में ‘लापरवाही’ के कारण ‘मानवाधिकारों का उल्लंघन’ हुआ. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि ‘प्रतिशोध के व्यापक भय के साथ ही ताकत दिखाने के खेल ने एक दुर्जेय बाधा के रूप में काम किया’ जिसने लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने से रोका. एनएचआरसी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि आयोग ने कई सिफारिशें की हैं और प्रत्येक सिफारिश पर पश्चिम बंगाल सरकार से आठ सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है.

आयोग ने जांच की रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजी

इसमें कहा गया है, ‘आयोग की मौके पर पहुंचकर की गयी जांच से पीड़ितों के साथ हुए अत्याचार की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है जो साफ तौर पर दर्शाता है कि प्रथम दृष्टया ऐसे उल्लंघन को रोकने में लापरवाही के कारण मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ.’ आयोग ने मौके पर पहुंचकर की गयी जांच की रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजी है. एनएचआरसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘कथित आरोपी व्यक्तियों के अत्याचारों के कारण बने माहौल ने पीड़ितों को चुप करा दिया” और डराने-धमकाने तथा आतंक ने उन्हें ”न्याय मांगने के प्रति अनिच्छुक” बना दिया. उसने यह भी कहा कि ‘डर का माहौल’ न केवल पीड़ितों पर असर डालता है, बल्कि उन बच्चों के विकास और स्वास्थ्य पर भी ‘नकारात्मक असर’ डालता है, जो लगातार इन कथित आरोपियों के हाथों अपने माता-पिता के उत्पीड़न को देखते हैं. Mamata Banerjee : ममता बनर्जी ने कहा, बंगाल में भाजपा के खिलाफ असली लड़ाई लड़ रही है तृणमूल

आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग

मानवाधिकार आयोग ने 21 फरवरी को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आयी उन खबरों पर संज्ञान लिया था जिनमें आरोप लगाया गया कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में, एक राजनीतिक व्यक्ति के समर्थकों द्वारा निर्दोष और गरीब महिलाओं को प्रताड़ित किया गया है और उनका यौन उत्पीड़न किया गया है. उसने कहा था कि इसके परिणामस्वरूप, पिछले कुछ दिन से, स्थानीय ग्रामीणों ने विभिन्न ‘गुंडों’ और असामाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दी गयी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. बयान के अनुसार आयोग के दल ने संदेशखाली में पुलिस और प्रशासन से भी बातचीत की व उनसे और जानकारी देने का अनुरोध किया ‘लेकिन कई बार याद दिलाने के बावजूद अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है.

पश्चिम बंगाल : पहले चरण के मतदान से पहले एक ही दिन उत्तर बंगाल में पीएम मोदी व ममता बनर्जी की सभा

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें