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बंगाल में बढ़ा कोर्ट मैरेज का क्रेज, 2025 में पंजीकृत हुए एक लाख से अधिक दंपति

Updated at : 25 Feb 2026 1:47 PM (IST)
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बंगाल में बढ़ा कोर्ट मैरेज का क्रेज, 2025 में पंजीकृत हुए एक लाख से अधिक दंपति

Court Marriage: बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के बीच एक आंकड़ा ऐसा सामने आया है जिसको लेकर बहस तेज हो गयी है. 2022 के बाद पहली बार बंगाल में कोर्ट मैरेज का आंकड़ा एक लाख के पास गया है.

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Court Marriage: कोलकाता : बंगाल में कोर्ट मैरेज का क्रेज अचानक बढ़ गया है. पिछले एक साल में इसमें जबर्दश्त बढोतरी दर्ज हुई है. 2025 में बंगाल में विवाह पंजीकरणों की संख्या सबसे अधिक रही. इस वर्ष पंजीकृत विवाहों की संख्या 1.8 लाख रही, जो 2022 की संख्या से भी अधिक है. 2023-24 में कोविड महामारी के कारण विवाहों में आई रुकावट के चलते पंजीकरणों की संख्या में कमी दर्ज की गयी थी. 2025 में इस्लामी कानूनों के तहत संपन्न विवाहों का पंजीकरण भी अधिक हुआ.

सबसे ज्यादा मुस्लिम करा रहे पंजीकरण

कोविड काल की भीड़ के बाद, विवाह पंजीकरण फिर से चरम पर पहुंच गए हैं. पिछले वर्ष भी विशेष विवाह अधिनियम (एसएमए), 1954 की धारा 16 के तहत पंजीकरण की संख्या में वृद्धि देखी गई (10,969). यह धारा कपल को वास्तविक समारोह के बाद विवाह पंजीकृत करने की अनुमति देती है. इनमें से अधिकांश (7,154) मुस्लिम जोड़े थे, जिन्होंने इस्लामी कानूनों के तहत विवाह की प्रतिज्ञा ली थी. 2022 में, एसएमए की धारा 16 के तहत 13,000 से अधिक संपन्न विवाह पंजीकृत किए गए थे. कोविड प्रोटोकॉल के कारण रजिस्ट्रार और दंपति व्यक्तिगत रूप से विवाह पंजीकृत नहीं कर पा रहे थे. 2025 में भी यही प्रवृत्ति देखी जा रही है. 2022 में मुस्लिम दंपतियों के विवाह पंजीकरण का पिछला सबसे ज्यादा आंकड़ा 6,989 था.

2022 के बाद 2025 में ही आंकड़ा हुआ एक लाख के पार

एसएमए की धारा 13 के तहत समारोह के दिन आयोजित होने वाले मानक विवाह पंजीकरण भी 2025 में पहली बार एक लाख की सीमा को पार कर गए. अधिकारियों ने इसका श्रेय अनिवासी भागीदारों के लिए नियमों में ढील और अधिक इंटरैक्टिव, उपयोगकर्ता-अनुकूल विवाह पोर्टल को दिया. पिछले वर्ष, इस अनुभाग के अंतर्गत 1,04,242 विवाह पंजीकृत किए गए थे. इससे पहले सबसे अधिक संख्या 2022 में 99,715 थी.

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मैरेज सर्टिफिकेट बनवाने की वजह

विवाह पंजीकरणों में आयी इस उछाल का कारण एसआईआर दस्तावेजों की आवश्यकता भी बताया जा रहा है. न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि विवाह प्रमाण पत्र एसआईआर के लिए स्वीकार किए जाने वाले 14 सूचीबद्ध दस्तावेजों में शामिल नहीं है. फिर भी महिला मतदाताओं के उपनामों में परिवर्तन और पते में बदलाव के कारणों की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान इन्हें स्वीकार किया गया. बंगाल के विवाह महानिदेशक द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 1,83,733 विवाह पंजीकृत हुए. यह संख्या 2024 की तुलना में 12,335 अधिक थी. इससे पहले, 2022 में सबसे अधिक 1,81,923 विवाह पंजीकृत हुए थे.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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