करंट से मौत के मामले में निगम तैयार करेगा रिपोर्ट, कोर्ट ने मांगा पूरा ब्योरा

कलकत्ता हाइकोर्ट ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉरपोरेशन (सीइएससी) और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.
23 सितंबर को बारिश के दौरान आठ लोगों की चली गयी थीं जानें कोलकाता. 23 सितंबर को भारी बारिश के बीच करंट लगने से आठ लोगों की मौत के मामले में अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गयी है. कलकत्ता हाइकोर्ट ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉरपोरेशन (सीइएससी) और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. साथ ही अदालत ने राज्य सरकार से भी स्पष्ट करने को कहा है कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की स्थिति क्या है. मामले की अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी. अदालत के निर्देश के बाद निगम ने रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट में शहर की जलनिकासी व्यवस्था को सुधारने के लिए अब तक किए गये और जारी विकास कार्यों का ब्योरा शामिल किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पूजा की छुट्टियां खत्म होते ही सीवरेज और ड्रेनेज विभाग रिपोर्ट तैयार करने पर काम शुरू करेगा. अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मौतें करंट लगने से हुई हैं, लेकिन यह साबित करना मुश्किल है कि हादसा सीधे नगर निगम के लाइट पोस्ट से हुआ. पूजा के दौरान कई स्थानों पर निजी स्तर पर लाइट सजावट की जाती है. लीकेज वहां से भी हो सकता है. विस्तृत रिपोर्ट में इस पहलू का भी जिक्र होगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह ली जायेगी. उल्लेखनीय है कि सीइएससी ने पहले ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है. अब अदालत के निर्देश पर निगम और राज्य सरकार को भी अपनी-अपनी स्थिति साफ करनी होगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




