West Bengal : डीवीसी बोर्ड से साझेदार सरकारों के प्रतिनिधियों के इस्तीफे का कोई प्रावधान नहीं
Published by : Shinki Singh Updated At : 24 Sep 2024 5:41 PM
West Bengal : डीवीसी अधिकारी ने कहा, ‘डीवीसी अधिनियम, 1948 के अनुसार, पश्चिम बंगाल और झारखंड सहभागी राज्य हैं और केंद्र के प्रतिनिधियों के अलावा प्रत्येक राज्य का एक प्रतिनिधि बोर्ड में होता है.
West Bengal : पश्चिम बंगाल में दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) बोर्ड से साझेदार राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के इस्तीफे का कोई प्रावधान नहीं है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.पश्चिम बंगाल के विद्युत सचिव शांतनु बसु द्वारा डीवीसी बोर्ड के सदस्य के रूप में इस्तीफा दिए जाने के बाद डीवीसी ने विचार-विमर्श किया. श्री बसु ने बांधों से पानी को ‘अनियंत्रित तरीके से’ छोड़े जाने की वजह से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बाढ़ आने के कारण यह इस्तीफा दिया.
बोर्ड से इस्तीफे का कोई प्रावधान नहीं
डीवीसी अधिकारी ने कहा, ‘डीवीसी अधिनियम, 1948 के अनुसार, पश्चिम बंगाल और झारखंड सहभागी राज्य हैं और केंद्र के प्रतिनिधियों के अलावा प्रत्येक राज्य का एक प्रतिनिधि बोर्ड में होता है. बोर्ड से इस्तीफे का कोई प्रावधान नहीं है.’ डीवीसी के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार बाढ़ संबंधी स्थिति सामान्य होने के बाद विद्युत सचिव के स्थान पर परंपरा से हटकर किसी अन्य प्रतिनिधि को नामित कर सकती है. परंपरागत रूप से, वर्तमान विद्युत सचिव ही डीवीसी बोर्ड में राज्य का प्रतिनिधि होता है.स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना में केंद्र और दोनों राज्य सरकारें बराबर की साझेदार हैं.
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By Shinki Singh
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