सोशल मीडिया पर पोस्ट के लिए किसी को नोटिस मिला, तो हम देंगे कानूनी सहायता : भाजपा

सोशल मीडिया पर आरजी कर से जुड़े फेक, भड़काने वाली या परेशान करने वाली पोस्ट को लेकर पुलिस दे रही चेतावनी
कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की घटना को लेकर सोशल मीडिया के जरिये विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर आरजी कर से जुड़े फेक, भड़काने वाले या परेशान करने वाले पोस्ट को लेकर पुलिस चेतावनी दे रही है. पुलिस ने कई पोस्ट या बयानों को लेकर कई लोगों को नोटिस भी दिया है. इसे लेकर विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट के लिए पुलिस का नोटिस मिलता है, तो वह कानूनी सहायता मुहैया करायेंगे. श्री अधिकारी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि राज्य भर के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से विभिन्न सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को कोलकाता पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस और उनके साइबर अपराध विभागों से नोटिस मिल रहे हैं, जिसमें उन्हें कुछ पोस्ट हटाने का निर्देश दिया गया है और उन्हें सख्त दंडात्मक कार्रवाई की धमकी भी दी गयी है. श्री अधिकारी ने लिखा कि ज्यादातर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) 2023 की धारा 168 के तहत नोटिस मिल रहे हैं, जो आरजी कर दुष्कर्म और हत्या की घटना से संबंधित सामग्री पोस्ट करने के लिए है, जो राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन की आलोचना करते हैं. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक स्वस्थ लोकतंत्र की रीढ़ है. इसलिए अगर किसी को सिर्फ अपनी राय पोस्ट करने के लिए परेशान किया जा रहा है और अगर पोस्ट वल्गर नहीं है, तो वह मुफ्त में कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




