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बंगाल के पूर्व सांसद टूटू बोस और उनके बेटे शृंजय बोस को चुनाव आयोग ने किया तलब, टीएमसी ने बोला हमला

Updated at : 13 Jan 2026 6:47 PM (IST)
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Abhishek Banerjee in Cooch Behar TMC Rally West Bengal Elections

एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए किया गया कुणाल घोष का ट्वीट.

मोहन बागान क्लब के पूर्व अध्यक्ष स्वप्न साधन बोस उर्फ टूटू बोस, उनके पुत्र पूर्व सांसद शृंजय बोस और उनके परिवार के सदस्यों को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाये जाने पर तृणमूल के स्टेट सेक्रेटरी कुणाल घोष ने जोरदार हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट पर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा है कि बीमार व्यक्ति को इस तरह से बुलाना कहां की मानवता है. संवेदनशीलता कहां गयी.

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पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने पूर्व सांसद और फुटबॉल क्लब मोहन बागान के पूर्व अध्यक्ष स्वप्न साधन बोस उर्फ टूटू बोस और उनके पुत्र (मोहन बागान के सचिव और पूर्व सांसद) शृंजय बोस को सुनवाई के लिए तलब किया है. टूटू, शृंजय और उनके परिवार को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला है.

कुणाल घोष ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

बोस परिवार को एसआईआर सुनवाई का नोटिस भेजे जाने पर कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है. टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि बोस परिवार को बेवजह परेशान किया जा रहा है. टूटू बोस और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को 19 जनवरी को बालीगंज गवर्नमेंट स्कूल में सुनवाई में शामिल होने का नोटिस दिया गया है.

बीमार चल रहे हैं टूटू बोस

मोहन बागान के उपाध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग के इस कदम पर विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि टूटू बोस अस्वस्थ हैं. व्हीलचेयर पर हैं. कुणाल ने कहा कि एसआईआर के नाम पर बंगाल की प्रतिष्ठित हस्तियों को निशाना बनाया जा रहा है. अब मोहन बागान और बंगाल फुटबॉल के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद और सफल बंगाली उद्यमी टूटू बोस और उनके पूरे परिवार को नोटिस भेजा गया है.

बांग्ला भाषा और बंगालियों पर अत्याचार कर रहे चुनाव आयोग और भाजपा – कुणाल

कुणाल घोष ने पूछा कि एक अस्वस्थ व्यक्ति को नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर करना कैसी संवेदनशीलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और बंगाल प्रदेश भाजपा मिलकर बांग्ला भाषा और बंगालियों पर अत्याचार कर रहे हैं. आने वाले चुनावों में इन्हें इसका जवाब मिलेगा. उन्होंने कहा कि टूटू बोस जैसे व्यक्ति को अब यह साबित करने के लिए कहा जा रहा है कि वह बंगाल के नागरिक हैं. यह पूरे राज्य के लिए अपमानजनक है.

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अमर्त्य सेन समेत कई मशहूर हस्तियों को भेजा गया है सुनवाई नोटिस

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले हो रही एसआईआर सुनवाई के तहत इससे पहले भी बंगाल की कई जानी-मानी हस्तियों को तलब किया जा चुका है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, कवि जय गोस्वामी से लेकर इंटरनेशनल क्रिकेटर मोहम्मद शमी तक को ईसीआई का नोटिस मिला है. अब टूटू बोस और उनके परिवार को नोटिस के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक हमले तेज कर दिये हैं.

150 खिलाड़ियों ने किया था एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

इस मुद्दे पर सोमवार को विभिन्न खेलों से जुड़े 150 खिलाड़ियों ने एसआईआर के नाम पर कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी भी एसआईआर सुनवाई को अमानवीय और असंवेदनशील बताया है. ममता बनर्जी ने तो चुनाव आयोग को 5-5 चिट्ठियां लिखीं हैं. दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का दावा है कि किसी भी व्यक्ति को जान-बूझकर परेशान करने का उद्देश्य नहीं है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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