Table of Contents
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने पूर्व सांसद और फुटबॉल क्लब मोहन बागान के पूर्व अध्यक्ष स्वप्न साधन बोस उर्फ टूटू बोस और उनके पुत्र (मोहन बागान के सचिव और पूर्व सांसद) शृंजय बोस को सुनवाई के लिए तलब किया है. टूटू, शृंजय और उनके परिवार को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला है.
कुणाल घोष ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
बोस परिवार को एसआईआर सुनवाई का नोटिस भेजे जाने पर कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है. टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि बोस परिवार को बेवजह परेशान किया जा रहा है. टूटू बोस और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को 19 जनवरी को बालीगंज गवर्नमेंट स्कूल में सुनवाई में शामिल होने का नोटिस दिया गया है.
बीमार चल रहे हैं टूटू बोस
मोहन बागान के उपाध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग के इस कदम पर विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि टूटू बोस अस्वस्थ हैं. व्हीलचेयर पर हैं. कुणाल ने कहा कि एसआईआर के नाम पर बंगाल की प्रतिष्ठित हस्तियों को निशाना बनाया जा रहा है. अब मोहन बागान और बंगाल फुटबॉल के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद और सफल बंगाली उद्यमी टूटू बोस और उनके पूरे परिवार को नोटिस भेजा गया है.
बांग्ला भाषा और बंगालियों पर अत्याचार कर रहे चुनाव आयोग और भाजपा – कुणाल
कुणाल घोष ने पूछा कि एक अस्वस्थ व्यक्ति को नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर करना कैसी संवेदनशीलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और बंगाल प्रदेश भाजपा मिलकर बांग्ला भाषा और बंगालियों पर अत्याचार कर रहे हैं. आने वाले चुनावों में इन्हें इसका जवाब मिलेगा. उन्होंने कहा कि टूटू बोस जैसे व्यक्ति को अब यह साबित करने के लिए कहा जा रहा है कि वह बंगाल के नागरिक हैं. यह पूरे राज्य के लिए अपमानजनक है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अमर्त्य सेन समेत कई मशहूर हस्तियों को भेजा गया है सुनवाई नोटिस
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले हो रही एसआईआर सुनवाई के तहत इससे पहले भी बंगाल की कई जानी-मानी हस्तियों को तलब किया जा चुका है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, कवि जय गोस्वामी से लेकर इंटरनेशनल क्रिकेटर मोहम्मद शमी तक को ईसीआई का नोटिस मिला है. अब टूटू बोस और उनके परिवार को नोटिस के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक हमले तेज कर दिये हैं.
150 खिलाड़ियों ने किया था एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
इस मुद्दे पर सोमवार को विभिन्न खेलों से जुड़े 150 खिलाड़ियों ने एसआईआर के नाम पर कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी भी एसआईआर सुनवाई को अमानवीय और असंवेदनशील बताया है. ममता बनर्जी ने तो चुनाव आयोग को 5-5 चिट्ठियां लिखीं हैं. दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का दावा है कि किसी भी व्यक्ति को जान-बूझकर परेशान करने का उद्देश्य नहीं है.
इसे भी पढ़ें
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को फिर लिखी चिट्ठी, कहा- SIR में AI के इस्तेमाल से हो रही परेशानी

