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बंगाल चुनाव के लिए माकपा तैयार, 24 मार्च को रामलीला मैदान में महा रैली

Updated at : 28 Feb 2026 4:02 PM (IST)
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CPM ready for Bengal elections 2026 mega rally at Ramlila Maidan

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) बंगाल चुनाव 2026 के लिए तैयार है. दिल्ली में पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद माकपा ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में श्रम संहिताओं, व्यापार समझौते और अन्य नीतियों के खिलाफ विशाल रैली का ऐलान किया. बंगाल की जनता से माकपा को वोट देने की अपील की.

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी – मार्क्सवादी (माकपा) भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयार है. पार्टी की पोलित ब्यूरो की नयी दिल्ली में बैठक हुई. इसमें पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026, केंद्र सरकार की नीतियों और देशव्यापी विरोध कार्यक्रमों पर अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट किया. पार्टी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने की जनता से अपील की है. साथ ही 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली का भी ऐलान किया.

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ दिल्ली में रैली

माकपा ने घोषणा की है कि 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में श्रम संहिताओं, मनरेगा को कमजोर करने, विकसित भारत जी रामजी कानून, बिजली संशोधन विधेयक, बीज विधेयक और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ एक विशाल जनसभा होगी. इसकी तैयारी के तहत उत्तर भारत के सभी राज्यों में जन आक्रोश जत्थे निकाले जायेंगे. इन जत्थों में पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्य शामिल लेंगे. माकपा का आरोप है कि भाजपा नीत केंद्र सरकार कई लेवल पर मजदूरों, किसानों और गरीब तबकों के अधिकारों पर हमले कर रही है.

तृणमूल के शासन की माकपा ने की आलोचना

पार्टी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का शासन सत्तावादी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी है. पार्टी ने मतदाताओं से अपील की कि वे वाम मोर्चा के पक्ष में मतदान कर तृणमूल और भाजपा दोनों को पराजित करें. माकपा ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में सांप्रदायिक जहर फैलाने और धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है. कहा कि मुस्लिम कट्टरपंथी और सांप्रदायिक ताकतें भी भाजपा विरोध के नाम पर एकजुट होने की कोशिश कर रही हैं. इससे समाज में ध्रुवीकरण बढ़ेगा और लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष चरित्र को नुकसान होगा.

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धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही तृणमूल कांग्रेस

पोलित ब्यूरो ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण को परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रही है. माकपा ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को भी विवादास्पद करार दिया. कहा कि इसे बहुत कम समय में लागू किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी ने कहा कि प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति इन आरोपों की पुष्टि करता है.

अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं पर हमले पर जतायी चिंता

पार्टी ने अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं पर बढ़ते हमलों पर चिंता जतायी. विभिन्न राज्यों में हुई घटनाओं की निंदा की. साथ ही गुजरात सरकार द्वारा विवाह के लिए अभिभावक की सहमति अनिवार्य करने के फैसले को महिला अधिकारों पर हमला बताया. बजट सत्र के संदर्भ में माकपा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा दे रही है और विपक्ष को संसद में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा.

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता देशहित में नहीं

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को देशहित के खिलाफ बतया. कहा कि इससे किसानों और मजदूरों पर विपरीत असर होगा. राष्ट्रीय संप्रभुता से समझौता होगा. विदेश नीति के मुद्दों पर भी बयान में क्यूबा, ईरान और फिलीस्तीन के समर्थन की बात दोहरायी गयी. अमेरिका की आक्रामक नीतियों की भी आलोचना की गयी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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