पिता के निधन के बाद भी डॉक्टर ने नहीं रोका मरीजों का इलाज
Published by : SUBODH KUMAR SINGH Updated At : 12 Jul 2025 1:15 AM
चुंचुड़ा के इमामबाजार इलाके के जाने-माने चिकित्सक शिवाशीष बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार सुबह अपने वृद्ध पिता तापस बंद्योपाध्याय के निधन के बावजूद मरीजों का इलाज जारी रखा.
प्रतिनिधि, हुगली.
हुगली. चुंचुड़ा के इमामबाजार इलाके के जाने-माने चिकित्सक शिवाशीष बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार सुबह अपने वृद्ध पिता तापस बंद्योपाध्याय के निधन के बावजूद मरीजों का इलाज जारी रखा. उनकी यह कहानी कर्तव्य और समर्पण की एक मिसाल बन गयी है. डॉ शिवाशीष दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं. उनके पास न केवल हुगली जिले से, बल्कि आस-पास के जिलों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं. आज सुबह जब उनके पिता का निधन हुआ, तब भी दूर-दूर से आये मरीज उनका इंतजार कर रहे थे.
डॉ ने अपने पिता के मृत शरीर को घर पर ही रखा और पहले अपने सभी मरीजों का इलाज पूरा किया. इसके बाद ही वह अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए वहां से आगे बढ़े. बीमारियों से परेशान लोगों के लिए उनका यह समर्पण एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है.
चुंचुड़ा नगरपालिका के पार्षद इंद्रजीत दत्त ने इस बाबत कहा कि डॉ शिवाशीष बंद्योपाध्याय गरीबों के लिए एक वरदान के समान हैं. वह रात के दो-तीन बजे तक मरीजों को देखते रहते हैं. कोई शुल्क भी नहीं लेते. लोग दूर-दूर से उनकी सेवा लेने आते हैं क्योंकि उन्हें भरोसा रहता है कि उन्हें अच्छा इलाज मिलेगा. हम सब उनके जैसे डॉक्टर पर गर्व करते हैं.
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