सत्ता के शिखर पर तो पहुंच गये शुभेंदु अधिकारी, क्या बन पायेंगे ज्योति बसु और ममता बनर्जी जैसे जननायक?

Published by :Mithilesh Jha
Published at :10 May 2026 9:55 AM (IST)
विज्ञापन
Suvendu Adhikari Legacy Mamata Banerjee Jyoti Basu West Bengal Politics

ज्योति बसु, शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी.

Suvendu Adhikari Legacy: ज्योति बसु और ममता बनर्जी ने बंगाल में दशकों तक एकछत्र राज किया. अब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन क्या वे वह खास राजनीतिक ताकत हासिल कर पायेंगे, जो उनके पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी और ज्योति बसु के पास थी? पढ़ें यह विशेष विश्लेषण.

विज्ञापन

Suvendu Adhikari Legacy: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नये युग की शुरुआत हो चुकी है. ब्रिगेड परेड ग्राउंड के ऐतिहासिक मंच से शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास तो रच दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा सवाल है. क्या शुभेंदु अधिकारी कभी ज्योति बसु और ममता बनर्जी के जैसे बन पायेंगे? ज्योति बसु ने 23 साल और ममता बनर्जी ने 15 साल तक बंगाल की सरकार चलायी. इन दोनों ने जादुई जनादेश हासिल किया और देश में अलग पहचान बनायी.

ज्योति बसु से ममता तक : एकछत्र राज की कहानी

बंगाल की राजनीति की तासीर रही है कि यहां जब जनता किसी को चुनती है, तो उसे तुरंत नहीं हटाती. वाममोर्चा के शासन में ज्योति बसु ने न केवल सरकार चलायी, बल्कि कैडर और आम जनता के बीच एक ऐसी पकड़ बनायी, जो दशकों तक नहीं टूटी. उनके पास स्थिरता का वह मंत्र था, जिसे हिला पाना नामुमकिन लगता था. 2011 में जब ममता बनर्जी आयीं, तो उन्होंने ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे से लोगों के दिलों में ऐसी जगह बनायी कि वे हर घर की सदस्य बन गयीं. ‘दीदी’ की सादगी और संघर्ष ने उन्हें ‘अजेय’ बना दिया था.

क्या शुभेंदु बन पायेंगे बंगाल के ‘नये मसीहा’?

शुभेंदु अधिकारी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उस ‘लार्जर दैन लाइफ’ इमेज को हासिल करने की है. शुभेंदु को संगठन का मास्टरमाइंड माना जाता है, लेकिन क्या वे ज्योति बसु जैसी बौद्धिक स्वीकार्यता और ममता बनर्जी जैसा भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Connect) पैदा कर पायेंगे?

इसे भी पढ़ें : जनता की नब्ज पहचानते हैं शुभेंदु अधिकारी, शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखी दिल जीत लेने वाली बात

जड़ों से जुड़ाव और डबल इंजन का भरोसा

शुभेंदु की मां गायत्री देवी कहती हैं कि उनके बेटे आज भी ‘पनता भात’ और ‘हिल्सा’ माछ जैसे बंगाली खान-पान के शौकीन हैं. यह सादगी उन्हें बंगाल के ग्रामीण वोट बैंक से जोड़ने में मदद कर सकती है. ज्योति बसु और ममता दोनों ही केंद्र से टकराकर अपनी ताकत बढ़ाते थे. शुभेंदु के पास केंद्र (पीएम मोदी) का पूरा समर्थन है. सवाल यह है कि यह समर्थन उन्हें बंगाल की जनता की नजरों में और बड़ा बनायेगा या उनकी स्वतंत्र पहचान पर भारी पड़ेगा.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Suvendu Adhikari Legacy: सत्ता का कांटों भरा ताज

ब्रिगेड के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभेंदु को जनता की आकांक्षाओं को समझने वाला नेता बताया है. लेकिन बंगाल में जन-स्वीकार्यता हासिल कर पाना आसान नहीं होगा. ज्योति बसु ने ‘स्थिरता’ दी और ममता ने ‘बदलाव’. अब शुभेंदु से जनता ‘सुशासन और सुरक्षा’ की उम्मीद कर रही है. इसलिए सवाल है कि क्या शुभेंदु अधिकारी अगले दो दशकों तक बंगाल के निर्विवाद चेहरा बने रहेंगे?

इसे भी पढ़ें

कौन हैं नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने ममता बनर्जी को 2 बार हराया और ढाह दिया टीएमसी का अभेद्य किला

बंगाल की राजनीति के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच

शुभेंदु अधिकारी ने कैसे ममता बनर्जी को हराकर पूरे बंगाल को कर दिया भगवामय, पढ़ें जायंट किलर के उदय की पूरी कहानी

पनता भात और हिल्सा के शौकीन हैं बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मां ने खोले नंदीग्राम के लाल के राज

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola