वामपंथ के सबसे बड़े गढ़ में गूंजा ‘नमस्ते सदा वत्सले…’, जादवपुर यूनिवर्सिटी के मैदान में लगी RSS की शाखा

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जादवपुर विश्वविद्यालय कैंपस.

RSS Shakha in Jadavpur University: वामपंथियों के गढ़ जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित संगठन ने शाखा लगायी और रैली निकाली. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर और PM-श्री योजना की शुरुआत के साथ कैंपस को माओवाद मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है.

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RSS Shakha in Jadavpur University: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही सूबे के सबसे प्रतिष्ठित और वामपंथी राजनीति के केंद्र रहे जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) की फिजां बदलने लगी है. बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समर्थित कर्मचारी संगठन ने फुटबॉल मैदान में पहली बार औपचारिक शाखा लगायी. भगवा झंडों और देशप्रेम के नारों के साथ हुए इस कार्यक्रम ने साफ कर दिया है कि अब यादवपुर कैंपस में भगवा खेमे का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है.

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सुबह साढ़े 6 बजे लगा बौद्धिक शिविर

पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के सचिव पलाश माजी के नेतृत्व में मंगलवार और बुधवार को कैंपस में विशेष गतिविधियां आयोजित की गयीं. सुबह 6:30 बजे से फुटबॉल मैदान में शारीरिक अभ्यास के साथ-साथ बौद्धिक चर्चा की गयी. परिषद ने कहा है कि कैंपस को फिर राष्ट्रीय रंग में रंगा जायेगा.

माओवादी प्रभाव से मुक्त होगा विश्वविद्यालय : माजी

पलाश माजी ने कहा- अब इस परिसर में राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जायेंगी. इसे माओवादी प्रभाव से पूरी तरह मुक्त किया जायेगा. बुधवार को कर्मचारियों ने कला-विज्ञान चौराहे से अरबिंदो भवन तक एक बड़ी रैली निकाली, जिसमें भगवा झंडे लहराते हुए परिसर की दीवारों से आपत्तिजनक भित्तिचित्रों को हटाने का संकल्प लिया गया.

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कुलपति के कक्ष में विराजे श्यामा प्रसाद मुखर्जी

बदलाव की बयार केवल मैदान तक सीमित नहीं है. प्रशासनिक गलियारों में भी परिवर्तन दिख रहा है. विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य के ऑफिस में स्वामी विवेकानंद और रवींद्रनाथ टैगोर के साथ अब भाजपा के विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर भी लगा दी गयी है. कुलपति ने बताया कि मुखर्जी एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद थे और उन्हें यह तस्वीर उपहार स्वरूप मिली थी.

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PM-श्री योजना की शुरुआत

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार जिस ‘पीएम-श्री’ योजना का विरोध कर रही थी, उसे विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय मार्गदर्शन कार्यक्रम के साथ शुरू कर दिया गया है. संघ से जुड़े शिक्षकों के संगठन ABRSM ने कुलपति से मिलकर कैंपस में सख्त अनुशासन लागू करने की मांग की है. संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, बंगाल में उनकी स्वीकार्यता का ग्राफ रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा है. वर्ष 2012 में बंगाल में 1,350 शाखाएं लगती थीं, वर्ष 2026 में यह आंकड़ा 4,325 के पार पहुंच गया है.

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RSS Shakha in Jadavpur University: क्या थमेगी वामपंथी छात्र राजनीति?

दशकों से जादवपुर विश्वविद्यालय को वामपंथी छात्र राजनीति का अभेद्य किला माना जाता रहा है. अब दैनिक शाखाओं में शारीरिक प्रशिक्षण और वैचारिक चर्चाओं के माध्यम से छात्रों और कर्मचारियों के बीच राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने की योजना ने वामपंथी संगठनों की चिंता बढ़ा दी है. भाजपा के सत्ता में आने के बाद जादवपुर जैसे संस्थानों में संघ की यह सक्रियता बंगाल की शिक्षा और राजनीति में एक बड़े युगांतकारी परिवर्तन का संकेत है.

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