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अब मार्कशीट पर होगा यूवी सिक्योरिटी थ्रेड कोड

Updated at : 09 Jan 2025 11:17 PM (IST)
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अब मार्कशीट पर होगा यूवी सिक्योरिटी थ्रेड कोड

पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद ने फर्जी मार्कशीट और नकली प्रमाण पत्र तैयार करने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है. अब मार्कशीट में यूवी सिक्योरिटी थ्रेड कोड भी रहेगा.

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कोलकाता.

पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद ने फर्जी मार्कशीट और नकली प्रमाण पत्र तैयार करने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है. अब मार्कशीट में यूवी सिक्योरिटी थ्रेड कोड भी रहेगा.

उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष चिरंजीव भट्टाचार्य ने बताया : परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए हम हमेशा सतर्क रहते हैं. क्यूआर कोड का प्रयोग पिछले वर्ष शुरू हुआ. अब इस नयी पद्धति का उपयोग संपूर्ण प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया जा रहा है. यह सख्त सुरक्षा उपाय छात्रों के हित में किया जा रहा है.

गौरतलब है कि पिछले साल हायर सेकेंडरी की परीक्षा पास करने के बाद फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर एक छात्र को सेंट जेवियर्स कॉलेज में दाखिला दिलाया गया था. आरोप है कि मार्क्सशीट में न केवल मुख्य अंक, बल्कि पूरे विषयवार अंक भी बदल दिये गये थे. बाद में उसे पकड़ लिया गया. इसके बाद उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद में हड़कंप मच गया. माना जा रहा है कि इस घटना से सबक लेते हुए यह कदम उठाया गया है.

यह कोड हायर सेकेंडरी की मार्क्सशीट पर होगा. इससे यह समझना आसान हो जायेगा कि संबंधित मार्कशीट फर्जी है या नहीं. मार्कशीट पर उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद के नाम के पहले अक्षर लिखे होंगे. हालांकि इसे सामान्य तौर पर नहीं देखा जा सकेगा. इसका पता केवल तभी चलेगा, जब आप यूवी स्कैन करायेंगे.

उच्च माध्यमिक ही नहीं, माध्यमिक शिक्षा में भी धोखाधड़ी रोकने के लिए कई नये उपाय किये जा रहे हैं. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव सुब्रत घोष ने कहा : अगर कोई संदेह है कि फर्जी अंकतालिकाओं का उपयोग करके प्रवेश प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, तो मैं संबंधित स्कूल अधिकारियों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय से संपर्क करने के लिए कहूंगा.

उन्होंने कहा : हम विशेषज्ञों के माध्यम से बता सकते हैं कि मार्कशीट फर्जी है या नहीं. पिछले वर्ष सुरक्षा कारणों से हायर सेकेंडरी परीक्षा के प्रश्नपत्र में सीरियल नंबर का उल्लेख किया गया था. इस सीरियल नंबर का उपयोग ”यूनिक क्यूआर कोड” के माध्यम से किया जाता है. पिछले वर्ष उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 14 महत्वपूर्ण विषय-आधारित प्रश्न-पत्रों की निगरानी व सुरक्षा के लिए पहली आधुनिक एंक्रिप्टेड ”क्यूआर कोड” या ”बार कोड” प्रणाली शुरू की थी. इस विशेष पद्धति में काउंसिल प्रश्नपत्र पर मौजूद सारी जानकारी को अपनी निगरानी में रख सकती है. अगर परीक्षा के दौरान या उससे पहले कोई अप्रिय घटना घटती है, तो संसद को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाती है. प्रत्येक प्रश्नपत्र पर ऊपर दायीं ओर एक सीरियल नंबर या ”यूनिक क्यूआर कोड” होता है. इस बार भी यह व्यवस्था लागू रहेगी. दूसरी ओर, मार्कशीट पर क्यूआर कोड को स्कैन करने से परीक्षार्थी का नाम और पंजीकरण संख्या का पता चल जायेगा. इस वर्ष से उनके फोटो और पते के साथ विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी.

जाली नोटों का पता लगाने के लिए उपयोग की जाती है यह पद्धति : अब तक ऐसी पद्धति केवल भारतीय रुपये को ही तैयार करने में अपनायी जाती है. इसका उपयोग जाली नोटों का पता लगाने के लिए किया जाता है. अब हायर सेकेंडरी की मार्कशीट पर भी यूवी सिक्योरिटी थ्रेड कोड होगा. हालांकि मार्कशीट पर क्यूआर कोड पिछले साल जैसा ही होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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