जान बचाने के लिए भागा, मेस्सी के कार्यक्रम के लिए लंदन से आये गायक की आपबीती

भारतीय मूल के ब्रिटिश सिंगर चार्ल्स एंटनी. फोटो : पीटीआई
Messi Kolkata Tour: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित लिजेंडरी फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम में हिंसा की खौफनाक सच्चाई सामने आयी है. भारतीय मूल के ब्रिटिश सिंगर चार्ल्स एंटनी ने कहा-मैं अपनी जान बचाने के लिए भागा. उन्होंने बताया कि लोगों से खचाखच भरे स्टेडियम में जब भीड़ बेकाबू हो गयी, तो हालात बिल्कुल असामान्य हो गये. अर्जेंटीना के सुपरस्टार मेस्सी की एक झलक भी नहीं देख पाने से नाराज प्रशंसकों ने जमकर हंगामा किया था.
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Messi Kolkata Tour Mess: डिएगो मारादोना के बाद अर्जेंटीना के दूसरे सबसे महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के सम्मान में संगीतमय प्रस्तुति देने के लिए एक भारतीय गायक अमेरिका से कोलकाता आये थे. उनकी ख्वाहिश थी कि वह अपनी प्रस्तुति से इस कार्यक्रम को यादगार बना देंगे. मेस्सी के कार्यक्रम को यादगार बनाने की इच्छा से चार्ल्स एंटनी भारत आये, लेकिन यह कार्यक्रम उनके लिए भयावह अनुभव में तब्दील हो गया, जब उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा. चार्ल्स एंटनी कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए खासतौर से भारत आये थे.
बांग्ला समेत 18 भाषाओं में गाते हैं मलयाली गायक चार्ल्स एंटनी
बांग्ला समेत 18 भाषाओं में गाने वाले मलयाली गायक एंटनी ने मेस्सी के स्वागत के लिए एक विशेष स्पेनिश गीत तैयार किया था. 13 दिसंबर को यहां विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में हुए इस कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी में उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा और वह गीत भी नहीं गा सके.
स्टेडियम में भीड़ बेकाबू हो गयी, तो मैं जान बचाने के लिए भागा – एंटनी
एंटनी ने कहा – मैं अपनी जान बचाने के लिए भागा. उन्होंने बताया कि लोगों से खचाखच भरे स्टेडियम में जब भीड़ बेकाबू हो गयी, तो हालात बिल्कुल असामान्य हो गये. अर्जेंटीना के सुपरस्टार मेस्सी की एक झलक भी नहीं देख पाने से नाराज प्रशंसकों ने जमकर हंगामा किया था.
20-20 हजार रुपए देकर लोगों ने खरीदे थे मेस्सी के कार्यक्रम के टिकट
मेस्सी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों ने 4,000 से 12,000 रुपए और कुछ लोगों ने ब्लैक में 20,000 रुपए तक का टिकट खरीदा था. एंटनी ने इस घटना के बीत जाने के 10 दिन बाद कहा- मैं उन्हें (लियोनेल मेस्सी को) बमुश्किल देख पा रहा था. वह मुस्कुरा रहे थे, लेकिन साफ दिख रहा था कि वह असहज थे.
Messi Kolkata Tour Mess: स्टेडियम में फैल चुकी थी दहशत – चार्ल्स एंटनी
गैलरी के पास ट्रैक पर खड़े एंटनी ने देखा कि मेस्सी, लंबे समय से उनके साथी लुइस सुआरेज और अर्जेंटीना के खिलाड़ी रोड्रिगो डे पॉल को लोग घेर रहे थे. गैलरी से पानी की बोतलें, खाने के पैकेट, पत्थर और धातु के सामान फेंके जा रहे थे. स्टेडियम में दहशत फैल चुकी थी.
बेहद अव्यवस्थित था सॉल्ट लेक का आयोजन
चार्ल्स एंटनी ने कहा- किस्मत अच्छी थी कि मुझे चोट नहीं लगी और मेरा कोई उपकरण खराब नहीं हुआ. कोलकाता में डिएगो मारादोना के सामने गाने के अनुभव की तुलना में एंटनी के लिए यह आयोजन बेहद अव्यवस्थित था.
वीवीआईपी के निकलते ही लोग मैदान में उतर आये – चार्ल्स
एंटनी ने बताया कि वीवीआईपी के निकलते ही लोग मैदान में उतर आये और पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली भी स्टेडियम से निकल गये. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें सुरक्षित जगह भागने को कहा. किसी से कोई मदद नहीं मिली, तो अपना गिटार और बाकी का सामान समेटकर किसी तरह होटल पहुंचे.
पुलिस ने हमलों से बचने के लिए मैदान में जाने की दी सलाह – एंटनी
भारतीय मूल के ब्रिटिश गायक ने कहा कि लोगों ने उन्हें गलती से आयोजकों में से एक समझ लिया था. एक बार के लिए उनकी जान खतरे में पड़ गयी थी. पुलिस ने उन्हें गैलरी से होने वाले हमलों से बचने के लिए मैदान के बीच में जाने की सलाह दी. बिना किसी मदद के उन्होंने अपना गिटार और बाकी सामान समेटा और होटल तक भागकर गये.
कार्यक्रम के लिए एंटनी ने नहीं लिया था कोई पारिश्रमिक
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कार्यक्रम के आयोजक सताद्रु दत्ता से संपर्क नहीं हो सका. स्थिति बेहद अनिश्चित रही. एंटनी ने दावा किया कि उन्होंने कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था, केवल यात्रा और ठहरने का खर्च आयोजकों ने उठाया था.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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