फंड जुटाने के लिए एलुमनाई सहयोग के विस्तार की जेयू की योजना

Published by : GANESH MAHTO Updated At : 11 Jan 2026 1:21 AM

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बैठक में जेयू के वाइस चांसलर डॉ चिरंजीब भट्टाचार्य ने यूनिवर्सिटी के दो साल पुराने एलुमनाई सेल को मजबूत करने और स्ट्रक्चर बनाने की जरूरत पर जोर दिया.

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कोलकाता. जादवपुर यूनिवर्सिटी ने अपने एलुमनाई सदस्यों के सहयोग के विस्तार के लिए नयी योजना बनायी है. कैंपस में यूएस-बेस्ड एलुमनाई फाउंडेशन की तरफ से आयोजित की गयी एक बैठक में जेयू के आगे के विकास के लिए फंड जुटाने के लिए एलुमनाई आउटरीच में बड़े बदलाव करने की योजना बनायी गयी है. बैठक में जेयू के वाइस चांसलर डॉ चिरंजीब भट्टाचार्य ने यूनिवर्सिटी के दो साल पुराने एलुमनाई सेल को मजबूत करने और स्ट्रक्चर बनाने की जरूरत पर जोर दिया. जादवपुर यूनिवर्सिटी में एलुमनाई फाउंडेशन की बैठक के दौरान वीसी ने कहा कि उन्हें पुराने स्टूडेंट्स तक पहुंचने और उनसे जरूरी फंड जुटाने की अपनी कोशिशें तेज करनी होंगी. जेयू के प्रो वाइस चांसलर अमिताभ दत्ता, जो सेल के प्रमुख हैं, ने बैठक में कहा कि पिछले दो सालों में अपने पुराने स्टूडेंट्स से करीब आठ करोड़ रुपये इकट्ठा किये हैं. इसकी तुलना में आइआइटी, खड़गपुर को पिछले साल अगस्त में एक एल्युमनाई से 10 करोड़ रुपये का योगदान मिला था. वाइस चांसलर श्री भट्टाचार्य ने कहा कि जेयू के पास पुराने स्टूडेंट्स का एक बड़ा बेस है, पुराने स्टूडेंट्स से आर्थिक सहयोग इकट्ठा करने में हम आइआइटी, खड़गपुर से बहुत पीछे हैं. उन्होंने इस कमी की वजह यूनिवर्सिटी के पुराने स्टूडेंट्स सेल की कमजोर आउटरीच ड्राइव को बताया. उन्होंने कहा कि अब सेल को स्ट्रक्चर करने का समय है. ‘मीट एंड ग्रीट प्रोग्राम’ एल्युमनाई के बीच कनेक्शन को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए रखा गया था. वीसी ने कहा कि हमें अपना एलुमनाई सेल बनाना होगा ताकि, हम आइआइटी की तरह एलुमनाई तक पहुंच सकें. यूनिवर्सिटी को यह बताना होगा कि वह अपने एलुमनाई को महत्व देती है. एक बार यह रिश्ता बन जाने के बाद, एलुमनाई प्रोत्साहित होंगे. उनका कहना है कि मैंने तीन दशक पहले आईआईटी, कानपुर से पीएचडी की थी, लेकिन जिस तरह से वे संपर्क में रहते हैं, मुझे लगता है कि मैं भी उनमें से एक हूं. हमें ऐसे ही जुड़ना चाहिए. कभी-कभी नहीं, निरंतर रूप से उनको जोड़ने से कई फायदे हैं. पुराने स्टूडेंट्स के बीच बातचीत की कमी जेयू के लिए एक बड़ी कमी रही है. वर्ष 1996 की क्लास के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एलुमनाई और आइआइटी, खड़गपुर के मौजूदा निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने अपने बैच के व्हाट्सअप ग्रुप में एलुमनाई मीट के बारे में बातचीत की कमी पर निराशा व्यक्त की. उन्होंने अपने लेक्चर में कहा, ‘मैं मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एलुमनाई व्हाट्सअप ग्रुप का हिस्सा हूं. ग्लोबल एलुमनाई मीट की घोषणा ग्रुप में नहीं की गयी, जिससे पता चलता है कि एलुमनाई आउटरीच अभी भी बिखरा हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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