राज्य बार काउंसिल के चुनाव में भी एसआइआर का असर
Published by : GANESH MAHTO Updated At : 03 Jan 2026 1:20 AM
यहां तक कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के नाम भी लिस्ट में नहीं हैं.
मतदाता सूची में ममता बनर्जी का नाम नहीं
फरवरी में होगा राज्य बार काउंसिल का चुनाव
चुनाव के पहले जारी हुई वोटर लिस्ट के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका
कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश कृष्णा राव की बेंच के समक्ष हाइकोर्ट के वकीलों ने ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि राज्य बार काउंसिल चुनाव के लिए एक पारदर्शी व निष्पक्ष वोटर लिस्ट जारी की जाये और काउंसिल में रजिस्टर्ड वकीलों के नाम नयी सूची में शामिल किया जाये.
शुक्रवार को वकीलों के समूह ने न्यायाधीश से कहा कि बार काउंसिल के चुनाव फरवरी के आखिरी हफ्ते में हो सकते हैं. इसके लिए जो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गयी है, उसमें कई नये वकीलों के नाम नहीं हैं. यहां तक कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के नाम भी लिस्ट में नहीं हैं. इसके अलावा हजारों नये वकीलों के नाम भी लिस्ट में नहीं हैं.
कलकत्ता हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव शंकर प्रसाद दलपति ने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट से कम से कम 7-8 हज़ार वकीलों के नाम छूट गये हैं. इसके अलावा, कोई नया नाम नहीं जोड़ा गया है.
सूत्रों के मुताबिक, 2018 के पिछले चुनाव में करीब 30 हजार वकीलों ने वोट दिया था. सात साल बाद जारी नयी वोटर लिस्ट में भी करीब 30 हज़ार वोटरों के नाम हैं. हालांकि वकीलों का दावा है कि वोटरों की संख्या कम से कम 55 हज़ार होनी चाहिए, क्योंकि इनमें से कई हज़ार लॉ स्टूडेंट काउंसिल सर्टिफिकेट के साथ अलग-अलग कोर्ट में काम कर रहे हैं, लेकिन उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किये गये. इसके बाद न्यायाधीश कृष्णा राव ने केस फाइल करने की इजाजत दे दी. उन्होंने कहा कि वह सात जनवरी को मामले की सुनवाई करेंगे.
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