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सरकार ने गांगुली की बात सुनी होती, तो यह स्थिति नहीं होती : शुभेंदु

Updated at : 11 Apr 2025 1:01 AM (IST)
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सरकार ने गांगुली की बात सुनी होती, तो यह स्थिति नहीं होती : शुभेंदु

हम सभी प्रार्थना कर रहे हैं कि योग्य शिक्षकों और गैर शिक्षा कर्मियों को उनकी नौकरियां वापस मिल जायें.

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कोलकाता. हम सभी प्रार्थना कर रहे हैं कि योग्य शिक्षकों और गैर शिक्षा कर्मियों को उनकी नौकरियां वापस मिल जायें. केवल सरकार ही समीक्षा के दौरान योग्य उम्मीदवारों की सूची न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है, ताकि नौकरी बरकरार रखी जा सके. राज्य सरकार के हाथ में सब कुछ है. अगर राज्य सरकार 2022 से ही जस्टिस अभिजीत गांगुली की बात सुनी होती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती. गुरुवार की शाम महावीर जयंती के अवसर पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलाघाट जैन मंदिर में तीर्थंकर महावीर जैन का दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि शिक्षा मंत्री ने क्या व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि अभी शिक्षकों का वेतन भुगतान करना बंद कर दो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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