बार-बार चुनाव से कार्य दिवस पर पड़ता है असर : सुनील

Published at :23 Feb 2025 11:00 PM (IST)
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बार-बार चुनाव से कार्य दिवस पर पड़ता है असर : सुनील

चुनाव की घोषणा के पहले बहुत सारे काम शुरू किये जाते हैं.

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कोलकाता. भवानीपुर में ”एक देश एक चुनाव” को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेता सुनील बंसल ने कहा कि इसे देश में लागू करके रहेंगे. उनका कहना था कि जनता के मन में भ्रम है. इसे दूर करना होगा. एक देश एक चुनाव होने से प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा. बार-बार चुनाव होने से मैन पावर के साथ कार्य दिवस पर काफी असर पड़ता है. विकास कार्य रुक जाते हैं. चुनाव की घोषणा के पहले बहुत सारे काम शुरू किये जाते हैं. चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू होने पर वह काम रुक जाता है. इससे काफी समस्या होती है. उन्होंने कहा कि पहली बार जब एक साथ 1952 में चुनाव हुए थे, उस समय चुनाव का खर्च 11 करोड़ रुपये था. आज एक चुनाव पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं. कुल बजट का एक बड़ा हिस्सा इसमें खर्च हो जाता है. उन्होंने कहा कि देखा जाये, तो वोट डालने के लिए देश के एक मतदाता पर एक हजार रुपये खर्च हो रहा है. दूसरी ओर, सुरक्षा बलों को एक से दूसरे राज्यों में ले जाना पड़ता है. एक साथ चुनाव होने पर इसका फायदा इस देश के लोगों को ही मिलेगा. उन्होंने कहा कि जनता का भ्रम दूर करना होगा. हमारे पास जन समर्थन है. इसे देश में लागू करके ही रहेंगे.

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