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करीब 14 लाख लोगों को मुफ्त में दी जायेगी फाइलेरिया की दवा

Updated at : 22 Jan 2025 12:59 AM (IST)
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करीब 14 लाख लोगों को मुफ्त में दी जायेगी फाइलेरिया की दवा

पांच स्कूली बच्चों के फाइलेरिया से पीड़ित होने की खबर मिलते ही हावड़ा नगर निगम इस संक्रामक बीमारी को लेकर सतर्क हो गया है.

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12 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को दी जायेंगी दो दवाएं 10 से 28 फरवरी तक निगम क्षेत्र में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान संवाददाता, हावड़ा. पांच स्कूली बच्चों के फाइलेरिया से पीड़ित होने की खबर मिलते ही हावड़ा नगर निगम इस संक्रामक बीमारी को लेकर सतर्क हो गया है. इन बच्चों का स्कूल 10, 11, 29 और 36 नंबर वार्ड में है. इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए निगम की ओर से 10 से 28 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की शुरूआत की जा रही है. इस दौरान 12 से 14 लाख लोगों को मुफ्त में फाइलेरिया की दवा दी जायेगी. यह जानकारी मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में निगम के प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुजय चक्रवर्ती ने दी. उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर बीमारी है. यह क्यूलेक्स नामक मच्छर से होता है. फाइलेरिया होने से इसका एक साइड इफेक्ट होना तय है. इसलिए शुरूआत में ही इस बीमारी को रोकने के लिए 12 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को दो दवाएं ( डीइसी और अल्बेंडाजोल) दी जायेंगी. इसके लिए सभी वार्डों में कैंप लगाये जायेंगे. कैंप में नहीं आने वाले लोगों को निगम के स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी घर-घर जाकर दवा पहुंचा देंगे. डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि मेडिकल दिशा-निर्देश के अनुसार, ये दोनों दवाएं 12 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए वर्जित हैं. उन्होंने कहा कि पांच बच्चों के फाइलेरिया से पीड़ित होने की खबर मिलते ही निगम में एक उच्च स्तरीय बैठक की गयी थी. इस बैठक में राज्य स्वास्थ्य विभाग और जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे. यह मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से ही चलाया जायेगा. इस अभियान के तहत लीफलेट बांटे जायेंगे. उन्होंने कहा कि चूंकि बहुत बड़ी आबादी को यह दवाएं दी जायेंगी, इसलिए कई टीमें बनायी जा रही हैं. इनमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए), इंडियन पेडियाट्रिक एसोसिएशन (आइपीए) सहित अन्य डॉक्टरों के संगठन को शामिल किया जा रहा है. डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें शहरी अंचल में किसी के फाइलेरिया से पीड़ित होने की खबर नहीं मिली थी. अचानक पांच बच्चों के इस बीमारी की चपेट में आने से सभी की चिंता बढ़ गयी है. यही कारण है कि शुरूआत में ही इसे नियंत्रित करने की योजना तैयार की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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