ओबीसी उप-वर्गीकरण डेटा जमा करने में देरी को लेकर राज्य सरकार की खिंचाई

Updated:
विज्ञापन
ओबीसी उप-वर्गीकरण डेटा जमा करने में देरी को लेकर राज्य सरकार की खिंचाई

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को जारी किया नया नोटिस

विज्ञापन

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को जारी किया नया नोटिस कोलकाता/नयी दिल्ली. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उप-वर्गीकरण पर विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करने में विफल रहने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक नया नोटिस जारी किया है. एनसीबीसी के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर ने आयोग के 22 दिसंबर, 2023 के पहले के नोटिस और 19 फरवरी, 2024 के बाद के पत्र का जवाब देने में विफल रहने पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. अपने 2024 के पत्र में राज्य सरकार ने आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने के लिए तीन से छह महीने का समय मांगा था. एनसीबीसी ने एक पोस्ट में कहा : एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, अपेक्षित जानकारी अब भी प्रतीक्षित है. आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के आधार पर हाल ही में कई समुदायों को उप-वर्गीकृत किया गया है और पश्चिम बंगाल राज्य ओबीसी सूची के तहत अधिसूचित किया गया है. इन परिवर्तनों को मई और जून 2025 के बीच जारी तीन अधिसूचनाओं के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया, जो राज्य के अनुसार विस्तृत सर्वेक्षणों पर आधारित थे. हालांकि, एनसीबीसी ने अब मांग की है कि राज्य उप-वर्गीकरण का समर्थन करने के लिए इस्तेमाल की गयी सर्वेक्षण रिपोर्ट और दस्तावेज प्रस्तुत करे. एनसीबीसी अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को तीन कार्य दिवसों के भीतर जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Sandip Tiwari

लेखक के बारे में

By Sandip Tiwari

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola